रायपुर: तीन निजी मेडिकल कॉलेजों पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना, छात्रों से अधिक फीस वसूलने का मामला

रायपुर: तीन निजी मेडिकल कॉलेजों पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना, छात्रों से अधिक फीस वसूलने का मामला

छत्तीसगढ़ प्रवेश और फीस विनियामक समिति ने प्रदेश के तीन निजी मेडिकल कॉलेजों पर 10-10 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। जांच में यह सामने आया कि ये कॉलेज छात्रों से हॉस्टल, ट्रांसपोर्ट और मेस शुल्क के नाम पर निर्धारित दर से अधिक शुल्क वसूल रहे थे।


छात्रों से लाखों रुपये की वसूली

शिकायतों के आधार पर समिति ने जांच की, जिसमें स्पष्ट हुआ कि शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जुनवानी), बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (मोवा) और रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (भानसोज) ने अनावश्यक रूप से छात्रों से अधिक राशि ली।

शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज ने एक छात्र से 4.43 लाख रुपये अतिरिक्त लिए।

बालाजी मेडिकल कॉलेज ने 4.58 लाख रुपये अधिक वसूले।

रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने 4.53 लाख रुपये ज्यादा लिए।

एक माह में राशि लौटाने का निर्देश

समिति के अध्यक्ष, जस्टिस (सेवानिवृत्त) प्रभात कुमार शास्त्री ने बताया कि कॉलेजों को आदेश दिया गया है कि वे छात्रों से ली गई अतिरिक्त राशि को एक माह के भीतर 7% वार्षिक ब्याज के साथ लौटाएं। साथ ही, 10-10 लाख रुपये का जुर्माना राज्य सरकार के खाते में जमा करने को कहा गया है।

मान्यता रद्द करने की चेतावनी

अगर कॉलेज निर्धारित समय में जुर्माना नहीं चुकाते और छात्रों को उनकी राशि नहीं लौटाई जाती, तो शासन से इन कॉलेजों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।

यह मामला छात्रों के हितों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है और भविष्य में शैक्षणिक संस्थानों पर निगरानी रखने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।



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