रामनवमी पर छत्तीसगढ़ में भक्तिमय माहौल: रायपुर के राम मंदिर में ड्रोन दर्शन और आतिशबाजी, 1100 किलो मालपुआ का भोग
रामनवमी के पावन अवसर पर रविवार को पूरे छत्तीसगढ़ में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। राजधानी रायपुर के VIP रोड स्थित श्रीराम मंदिर में तो जैसे स्वर्ग उतर आया हो। भव्य आतिशबाजी और ड्रोन के ज़रिए हनुमानजी के अलौकिक दर्शन ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। मंदिर परिसर से लेकर मेन रोड तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई दीं।
मख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना
सुबह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रीराम मंदिर पहुंचकर भगवान राम की पूजा-अर्चना की। उन्होंने अंजनी माता और बाल हनुमान मंदिर में भी मत्था टेक कर आशीर्वाद लिया।
स्वर्ण श्रृंगार और 1100 किलो मालपुआ
दूधाधारी और जैतूसाव मठ में भगवान राम का दूध से अभिषेक कर स्वर्ण श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर 1100 किलो मालपुआ का भोग लगाया गया, जो श्रद्धालुओं में बांटा गया। जैतूसाव मठ, जो लगभग 200 साल पुराना है, वहां अंग्रेजों के ज़माने से यह परंपरा जीवित है।
प्रदेशभर में शोभायात्राएं और भजन-कीर्तन
बिलासपुर, रायगढ़, बस्तर और अंबिकापुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। सदर बाजार के गोपाल मंदिर में दोपहर 12 बजे ठाकुरजी का पंचामृत स्नान हुआ, जिसके बाद पूरे परिसर में भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई दी।
रामनवमी पर दुर्लभ महायोगों का संयोग
ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार, भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को दोपहर के समय हुआ था। इस बार की रामनवमी विशेष रही क्योंकि रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, श्रीवत्स योग समेत आठ दुर्लभ महायोगों का संयोग बना, जो इसे अत्यंत शुभ और फलदायी बनाता

