"गाउन-मास्क गैंग की सेंधमारी: बिलासपुर में ज्वेलरी शॉप से सोना-चांदी लूटकर फरार"


 

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ – मस्तूरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जयरामनगर में रविवार रात एक साहसिक चोरी की घटना सामने आई है, जहां एक ज्वेलरी शॉप को निशाना बनाकर लाखों रुपए के गहनों की चोरी कर ली गई। खास बात यह रही कि चोर गिरोह ने पहचान छिपाने के लिए महिलाओं के गाउन और कार्टून वाले मुखौटे पहन रखे थे। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।

गहनों से भरी बोरी लेकर फरार हुए चोर

घटना को अंजाम देने वाले चोरों की संख्या पांच बताई जा रही है। कोटमीसोनार निवासी संजय सोनी की यह दुकान हर दिन की तरह रविवार रात को बंद की गई थी। लेकिन सोमवार सुबह जब स्थानीय लोगों ने देखा कि दुकान का शटर टूटा हुआ है, तो इलाके में हड़कंप मच गया। व्यापारी वर्ग को जब इस वारदात की सूचना मिली, तो तुरंत पुलिस को खबर दी गई।

पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें पांच चोरों को दुकान में घुसते और गहनों को बोरी में भरकर ले जाते हुए साफ देखा जा सकता है।

पहचान छिपाने का अनोखा तरीका

इस गिरोह की सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उन्होंने महिलाओं के लंबे गाउन और चेहरे पर कार्टून प्रिंट वाले मुखौटे पहन रखे थे। उनके हाथों में लोहे का औजार भी नजर आया, जिससे उन्होंने शटर को काटा। ऐसा माना जा रहा है कि इस पहनावे का मकसद केवल पहचान छिपाना था।

चोरी गए गहनों की कीमत को लेकर मतभेद

दुकान संचालक संजय सोनी के अनुसार, चोरी गए गहनों की कीमत लाखों में हो सकती है, लेकिन फिलहाल इसकी सटीक कीमत बताना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि अधिकांश कीमती गहने वह हर रोज दुकान से घर ले जाते हैं और दुकान में केवल कुछ चांदी के गहने और नकली जेवर शो पीस के तौर पर रखते हैं।

वहीं, मस्तूरी थाना प्रभारी हरीश तांडेकर ने बताया कि चोर केवल आधा किलो चांदी और कुछ नकली गहने ही ले गए हैं। अनुमानित चोरी करीब एक लाख रुपए की बताई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दुकान में मौजूद असली सोने के गहनों को दुकान संचालक रोजाना घर ले जाते हैं, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।

फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड की मदद

पुलिस ने इस चोरी की गुत्थी सुलझाने के लिए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड की मदद ली है। इलाके में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि चोरों के भागने के रास्ते और उनकी पहचान के सुराग मिल सकें।

इलाके में फैली दहशत, सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद जयरामनगर क्षेत्र में व्यापारियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। व्यापारी वर्ग ने रात के समय गश्त बढ़ाने और सुरक्षा इंतजाम कड़े करने की मांग की है। इलाके के लोग इस बात से भी चिंतित हैं कि चोरों का यह नया तरीका – गाउन और मुखौटा पहनना – पुलिस के लिए पहचान करना और भी मुश्किल बना सकता है।

जांच जारी, जल्द खुलासा संभव

पुलिस की टीमें सक्रिय रूप से जांच में जुटी हैं और जल्द ही इस गिरोह के पकड़े जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, यह साफ है कि चोरों ने सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया है, और उनके पास पूरी तैयारी थी।

इस मामले ने एक बार फिर से दिखा दिया कि अब अपराधी किस हद तक जाकर अपनी पहचान छिपा सकते हैं। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर चोरों की तलाश कर रही है।


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