"बिलासपुर को चैंबर ऑफ कॉमर्स में नई पहचान: कमल सोनी बने कार्यकारी अध्यक्ष, व्यापारिक बदलाव की ओर कदम"



बिलासपुर, 28 मई 2025
छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। पहली बार बिलासपुर को कार्यकारी अध्यक्ष का पद सौंपा गया है। यह जिम्मेदारी संभाली है कमल सोनी ने, जो पिछले कई वर्षों से व्यापारी हितों की आवाज़ बुलंद करते आ रहे हैं। उनकी नियुक्ति को लेकर पूरे संभाग में हर्ष और गर्व की लहर है।

कमल सोनी की नियुक्ति केवल एक पद भर नहीं है, बल्कि यह बिलासपुर की व्यापारिक ताकत और संगठनात्मक क्षमता का भी प्रतीक बन गई है। उन्होंने कार्यभार संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया कि यह केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, जिसका उद्देश्य संविधान में संशोधन कर संगठन को और सशक्त बनाना है।

संविधान संशोधन की ओर पहला कदम

कमल सोनी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मुझे यह दायित्व इसलिए मिला है ताकि चैंबर के संविधान में जरूरी बदलाव किए जा सकें। वर्तमान स्वरूप में कुछ प्रावधान पुराने हो चुके हैं, जो आज की व्यापारिक चुनौतियों का समाधान नहीं दे सकते। हमारा उद्देश्य संविधान को वर्तमान समय के अनुकूल बनाना है ताकि संगठन अधिक पारदर्शी, लोकतांत्रिक और प्रभावशाली बन सके।”

उन्होंने बताया कि चैंबर के संविधान में बदलाव की प्रक्रिया पहले से ही विचाराधीन थी, लेकिन नेतृत्व की कमी और क्षेत्रीय संतुलन की अनुपस्थिति के कारण यह ठंडे बस्ते में चली गई थी। अब बिलासपुर को कमान मिलने से यह प्रक्रिया तेज़ होगी।

व्यापारियों के लिए नई उम्मीद

कमल सोनी की नियुक्ति से बिलासपुर समेत पूरे सरगुजा, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ और मुंगेली क्षेत्र के व्यापारियों को बड़ी उम्मीदें हैं। व्यापारिक वर्ग को भरोसा है कि अब उनकी समस्याएं शीर्ष नेतृत्व तक प्रभावी रूप से पहुंच सकेंगी।

बिलासपुर के प्रमुख व्यापारियों, जैसे कि अशोक अग्रवाल, दीपक बंसल और राकेश गुप्ता ने भी इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि “कमल सोनी जमीन से जुड़े नेता हैं। वह हर छोटे-बड़े व्यापारी की बात समझते हैं और उन्हें सुलझाने की क्षमता भी रखते हैं।”

संगठनात्मक सुधार और नीतिगत बदलाव

कमल सोनी ने स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में संगठन की कार्यशैली में पारदर्शिता लाना प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा, “हमें न केवल व्यापारियों के हितों की रक्षा करनी है, बल्कि नई पीढ़ी के उद्यमियों को भी मंच देना है। मैं युवा व्यापारियों को संगठन में सक्रिय रूप से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा हूँ।”

इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारियों के हितों के लिए सरकार से संवाद बढ़ाया जाएगा, ताकि जीएसटी, लाइसेंसिंग, बिजली दरों और व्यापारिक कानूनों में सुधार हो सके।

कार्यकारी अध्यक्ष का महत्व

हालांकि कार्यकारी अध्यक्ष का पद चैंबर में पहले से मौजूद था, लेकिन क्षेत्रीय असंतुलन के चलते यह पद विशेष रूप से कुछ जिलों तक ही सीमित रहता था। पहली बार बिलासपुर को यह सम्मान मिलने से यह संदेश गया है कि अब चैंबर क्षेत्रीय संतुलन और न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व की ओर बढ़ रहा है।

कमल सोनी ने कहा, “यह बदलाव संगठन की सोच में क्रांति लाने जैसा है। अब हर संभाग की आवाज़ सुनी जाएगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सहभागिता बढ़ेगी।”



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