बिलासपुर, छत्तीसगढ़। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी पत्नी की फार्मेसी डिग्री को स्कैन कर फर्जी मार्कशीट तैयार की और उसी के आधार पर नामी फार्मा कंपनियों में नौकरी हासिल कर ली। मामले का खुलासा तब हुआ जब तलाकशुदा पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जानकारी के अनुसार, सरकंडा क्षेत्र के राजकिशोर नगर निवासी महिला शालिनी कलशा ने बी. फार्मा की पढ़ाई पूरी की है। शालिनी की शादी संकल्प तिवारी नामक युवक से हुई थी। कुछ वर्षों तक साथ रहने के बाद उनके रिश्तों में दरार आई और दोनों के बीच तलाक हो गया। तलाक के बाद संकल्प ने दूसरी शादी भी कर ली। इसी बीच शालिनी को संदेह हुआ कि उसका पूर्व पति बिना आवश्यक डिग्री के फार्मा सेक्टर में नौकरी कर रहा है।
पत्नी की डिग्री को बनाया हथियार
पुलिस को दी गई शिकायत में शालिनी ने बताया कि संकल्प तिवारी के पास फार्मेसी की कोई डिग्री नहीं थी। बावजूद इसके वह एस्ट्रा जेनेका फार्मा कंपनी में बतौर एरिया मैनेजर पद पर कार्यरत है। जब शालिनी ने छानबीन की तो पता चला कि संकल्प ने उसकी मार्कशीट को स्कैन कर फर्जी तरीके से अपने नाम से नई डिग्री तैयार की और उसी के आधार पर नौकरी हासिल की।
कई नामी कंपनियों में कर चुका है काम
शालिनी के अनुसार, संकल्प ने केवल एक ही कंपनी में नहीं, बल्कि GSK प्राइवेट लिमिटेड, कैडिला फार्मा, सीरिया, वेनवटी और MSD जैसी कई फार्मा कंपनियों में विभिन्न पदों पर नौकरी की है। सभी जगह उसने शालिनी की डिग्री का ही उपयोग किया।
पुलिस कर रही है गहन जांच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संकल्प तिवारी को थाने बुलाकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसने यह डिग्री अपनी पत्नी की सहमति से स्कैन की थी और जॉब भी उसकी जानकारी में ही की थी। हालांकि, शालिनी ने इस दावे को पूरी तरह से नकार दिया है।
सिविल लाइन थाना प्रभारी एस.आर. साहू ने जानकारी दी कि, "महिला और आरोपी दोनों के बयान दर्ज किए गए हैं। फिलहाल संबंधित कंपनी से दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि डिग्री फर्जी पाई जाती है और धोखाधड़ी की पुष्टि होती है तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
फर्जीवाड़े का यह मामला बना जांच का विषय
यह मामला अब दस्तावेजी प्रमाण और डिजिटल फॉरेंसिक जांच का विषय बन गया है। पुलिस ने आरोपी के द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर उन कंपनियों से भी संपर्क साधा है, जहां उसने पूर्व में काम किया था। जांच पूरी होने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
