दुर्ग, छत्तीसगढ़ | 28 मई 2025
दुर्ग पुलिस ने बुधवार को अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के खिलाफ एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया। बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान के लिए यह अभियान राज्य स्तर पर चलाए जा रहे निर्देशों के अंतर्गत संचालित किया गया। अभियान के तहत पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर शहर के विभिन्न हिस्सों में एक साथ दबिश दी और कुल 474 लोगों की जांच की गई।
विशेष टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में दी दबिश
पुलिस की टीमों ने फैक्ट्री, आरा मिल, प्लाईवुड फैक्ट्री, लकड़ी चाले और भीड़भाड़ वाले रहवासी इलाकों में जाकर किराएदारों और मजदूरों की जांच की। इस दौरान दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई। जिन लोगों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए, उन्हें आगे की जांच के लिए थाने लाया गया।
छावनी अनुविभाग में 65 लोगों की जांच
छावनी क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर हथखोज और पुरैना इलाकों में जांच अभियान चलाया गया, जहां करीब 65 लोगों की जांच की गई। इनमें 15 संदिग्धों के फिंगरप्रिंट लिए गए।
भिलाई नगर में जांच, कोई संदेही नहीं मिला
भिलाई नगर अनुविभाग के अंतर्गत कांट्रेक्टर कॉलोनी, पुरानी बस्ती और पांच रास्ता क्षेत्र में घर-घर जाकर जांच की गई। कुल 201 किराएदारों की पहचान की गई, लेकिन कोई संदिग्ध नहीं मिला। मकान मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए कि भविष्य में किराएदार रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराएं।
पाटन क्षेत्र में 208 लोगों की जांच
पाटन अनुविभाग के अंतर्गत ग्राम डुमरडीह, महकाकला, और उतई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आरा मिल, प्लाईवुड फैक्ट्री सहित अन्य स्थानों पर दबिश दी गई। इस दौरान 208 लोगों की जांच हुई और इनमें से 88 संदिग्धों के फिंगर प्रिंट लिए गए।
कुल 103 संदिग्धों को थाने लाया गया
पूरा अभियान प्रातःकाल से शुरू होकर दोपहर तक चला। कुल 474 लोगों की जांच की गई, जिनमें से 103 लोगों को संदेह के आधार पर थाने लाया गया। उनके दस्तावेजों और पहचान की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि ये लोग अवैध रूप से रह रहे पाए गए तो संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन की सख्त हिदायत
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों और मकान मालिकों को चेतावनी दी है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना वेरिफिकेशन के न रखें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई विदेशी व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में क्षेत्र में रह रहा हो, तो इसकी तुरंत जानकारी नजदीकी थाना या पुलिस हेल्पलाइन को दें।
बड़ी बात यह है कि प्रशासन ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में किसी भी हाल में कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
