शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने राज्य सरकार ने दी बड़ी सौगात
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में वर्षों से बनी ट्रैफिक समस्या का समाधान अब निकट नजर आ रहा है। राज्य सरकार ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दो नए पुलों और एक बड़े फ्लाईओवर के निर्माण की योजना को मंजूरी दे दी है। इनमें से दो पुलों को प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है जबकि फ्लाईओवर को राज्य के बजट में शामिल किया गया है।
शनिचरी रपटा के पास अरपा नदी पर बनेगा पहला पुल
शहर के प्रमुख हिस्सों को जोड़ने के लिए अरपा नदी पर एक नया पुल शनिचरी रपटा के पास प्रस्तावित है। यह पुल 305 मीटर लंबा होगा और इसके निर्माण पर लगभग 11.56 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस पुल का टेंडर जारी कर दिया गया है और PWD विभाग के अनुसार साइट पर निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं है।
लोधीपारा से मंगला के बीच दूसरा पुल
दूसरा पुल सरकंडा के लोधीपारा से मंगला के बीच बनेगा, जिसकी लंबाई 408 मीटर होगी। इसके निर्माण में 24.27 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस पुल के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है। दोनों पुलों के निर्माण से शहर के दोनों ओर के इलाकों को सीधे जोड़ा जा सकेगा, जिससे आवागमन आसान होगा।
300 करोड़ की लागत से बनेगा शहर का सबसे बड़ा फ्लाईओवर
शहर के ट्रैफिक को डायवर्ट करने के उद्देश्य से एक फ्लाईओवर ब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई है, जिसकी अनुमानित लागत 250 से 300 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह फ्लाईओवर राजीव गांधी चौक से नेहरू चौक होते हुए इंदिरा सेतु तक बनाया जाएगा। योजना के तहत इसे महामाया चौक से होते हुए कोनी और सीपत मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
फ्लाईओवर की लंबाई करीब 4.5 से 5 किलोमीटर होगी, जिससे यह बिलासपुर का सबसे बड़ा फ्लाईओवर बन जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, पहले इसे जबलपुर के रिंग सेप फ्लाईओवर की तर्ज पर डिजाइन किया जा रहा था, लेकिन अब उसकी दिशा में बदलाव कर उसे उस्लापुर की बजाय मुख्य शहर की ओर केंद्रित किया गया है।
नगर निगम और PWD ने दिया भरोसा
नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि वर्तमान में शहर में अरपा नदी पर कुल 6 पुल हैं, फिर भी ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। लेकिन नए पुलों और फ्लाईओवर के निर्माण से न सिर्फ शहर का ट्रैफिक व्यवस्थित होगा, बल्कि लोगों को लंबे समय से चल रही जाम की परेशानी से भी राहत मिलेगी।
पीडब्ल्यूडी के ईई ने जानकारी दी कि रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए नई डायवर्जन योजना बनाई जा रही है ताकि शहर की आंतरिक सड़कों पर बोझ कम हो और यातायात सुगम हो सके।
