1 अप्रैल से 7 डॉक्टरों समेत 40 स्टाफ ड्यूटी से हटेंगे, मरीजों की बढ़ेगी मुश्किलें!
1 अप्रैल से जिला अस्पताल दुर्ग और जिले के अन्य अस्पतालों में इलाज करवाने आए मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 31 मार्च को 7 डॉक्टरों समेत 40 स्टाफ की सेवा समाप्त हो रही है, जो डीएमएफ फंड से नियुक्त किए गए थे। अब तक इनकी सेवा को आगे बढ़ाने के आदेश नहीं मिले हैं, जिससे अस्पताल में मरीजों के इलाज में दिक्कतें बढ़ने की आशंका है।
डॉक्टरों की कमी से बढ़ेगी परेशानी
जिला अस्पताल दुर्ग में मनोरोग और न्यूरोसर्जन विभाग में सिर्फ एक-एक डॉक्टर ही तैनात हैं। हर दिन न्यूरोसर्जन के पास औसतन 30 और मनोरोग विभाग में 40 मरीज ओपीडी में आते हैं। अब इन डॉक्टरों की सेवा समाप्त होने से मरीजों को इलाज के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
कलेक्टर के पास भेजी जाएगी फाइल
डॉक्टरों और स्टाफ की सेवा को जारी रखने के लिए डीएमएफ फंड से प्रपोजल भेजा गया है, लेकिन अंतिम निर्णय कलेक्टर के पास है। महीने के अंत तक फैसला आने की उम्मीद है, लेकिन शनिवार और रविवार की छुट्टियों के कारण इसमें देरी की संभावना है।
स्वास्थ्य विभाग से आदेश का इंतजार
सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी ने बताया कि डॉक्टरों समेत 40 स्टाफ को डीएमएफ फंड से रखा गया है, और 31 मार्च को इनकी सेवा समाप्त हो जाएगी। उनकी सेवाएं जारी रखने का प्रपोजल भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई सूचना नहीं मिली है।
अस्पताल प्रशासन चिंतित
जिला अस्पताल के सीएस डॉ. हेमंत कुमार साहू ने बताया कि अस्पताल में मनोरोग और न्यूरोसर्जन विभाग के लिए डॉक्टरों की कमी पहले से ही थी, और अगर यह सेवा समाप्त हो जाती है, तो मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी।
