12वीं की छात्रा ने की आत्महत्या: परीक्षा में खराब प्रदर्शन से थी परेशान, पहले भी झेल चुकी थी असफलता
छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक 12वीं कक्षा की छात्रा ने परीक्षा में उम्मीद से खराब प्रदर्शन के चलते फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। छात्रा की पहचान 19 वर्षीय एरिना कराब के रूप में हुई है, जो CSEB नेहरू नगर क्षेत्र में रहती थी। वह एक इंजीनियर की बेटी थी और शिवा पब्लिक स्कूल मैत्री विहार में पढ़ती थी।
परिवार घर से बाहर, अंदर घटी दर्दनाक घटना
4 अप्रैल को एरिना के पिता आनंद कराब अपने ऑफिस गए हुए थे, जबकि मां छोटी बेटी हिमांशी के इलाज के लिए बड़े बेटे रितेश के साथ अस्पताल गई थीं। दोपहर करीब 12 बजे वे घर से निकले और लगभग सवा 1 बजे लौटे। लौटने पर मुख्य दरवाजा बंद मिला, जिसके बाद पीछे से किचन के दरवाजे के जरिए घर में प्रवेश किया गया। भीतर जाकर देखा तो एरिना केबल वायर से फांसी पर लटकी हुई थी। उसे तुरंत सुपेला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अकादमिक दबाव ने बढ़ाई मानसिक परेशानी
परिजनों के मुताबिक, एरिना शुरू में हिंदी मीडियम की छात्रा थी और 10वीं के बाद उसे इंग्लिश मीडियम में दाखिला दिलवाया गया था। 10वीं में उसने 89% अंक हासिल किए थे, लेकिन 11वीं में तीन बार सप्लीमेंट्री आई और 12वीं की परीक्षा में वह फेल हो गई थी। परीक्षा के नतीजों को लेकर वह काफी तनाव में रहने लगी थी। पिता ने कई बार विषय बदलने की सलाह दी, लेकिन वह खुद पर दबाव महसूस करती रही।
पुलिस जांच जारी, नहीं मिला सुसाइड नोट
घटना की सूचना मिलने पर सुपेला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। 5 अप्रैल को शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन छात्रा की आत्महत्या के पीछे की वजहों की जांच के लिए परिवार से पूछताछ की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर से छात्रों पर पढ़ाई और अपेक्षाओं के दबाव के दुष्परिणामों की ओर इशारा करती है।

