🚨 15 साल बाद पकड़ा गया फरार कैदी: रायपुर सेंट्रल जेल से पैरोल पर भागा था मर्डर का आरोपी!

🚨 15 साल बाद पकड़ा गया फरार कैदी: रायपुर सेंट्रल जेल से पैरोल पर भागा था मर्डर का आरोपी!  

**रायपुर, 10 अप्रैल 2025**: 15 साल पहले रायपुर सेंट्रल जेल से पैरोल पर निकला हत्या का आरोपी आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया! **संजीत धुर्वे उर्फ सुजीत**, जो 2010 में 15 दिन की पैरोल के बाद फरार हो गया था, को क्राइम ब्रांच ने धर दबोचा। लंबी खोजबीन के बाद अब उसे फिर से सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।  



## 🔍 कैसे शुरू हुई तलाश?  

रायपुर के **SSP डॉ. लाल उमेद सिंह** ने सेंट्रल जेल से पैरोल पर फरार कैदियों को पकड़ने के लिए एक खास अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने तेलीबांधा थाना क्षेत्र के इस पुराने हत्या के मामले में फरार आरोपी को ट्रैक किया।  

आरोपी **संजीत धुर्वे**, जो मूल रूप से महासमुंद के बसना का रहने वाला है, को गुरुवार को महासमुंद से गिरफ्तार किया गया। उसे रायपुर के **देवेंद्र नगर थाने** लाया गया है, जहां से उसे जेल में दोबारा दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।  

## 🕵️‍♂️ 15 साल पहले की कहानी  

संजीत धुर्वे को हत्या के एक मामले में कोर्ट ने **आजीवन कारावास** की सजा सुनाई थी। 2010 में कोर्ट के आदेश पर उसे 15 दिन की पैरोल मिली थी, ताकि वह अपने रिश्तेदारों से मिल सके। लेकिन पैरोल खत्म होने के बाद वह जेल लौटा ही नहीं और फरार हो गया।  

पुलिस ने उसकी तलाश में कई कोशिशें कीं, लेकिन वह हर बार बच निकलता। समय के साथ यह केस ठंडे बस्ते में चला गया। लेकिन SSP के नए अभियान ने इस पुराने मामले को फिर से जिंदा कर दिया, और आखि


रकार क्राइम ब्रांच ने उसे पकड़ लिया।  

## ⚖️ अब क्या होगा?  

पुलिस के मुताबिक, संजीत को अब फिर से रायपुर सेंट्रल जेल में भेजा जाएगा, जहां उसे अपनी **आजीवन कारावास** की सजा काटनी होगी। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए उसे देवेंद्र नगर पुलिस को सौंप दिया है।  

SSP डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा, **"कोई भी अपराधी कानून से बच नहीं सकता। हमारा अभियान ऐसे फरार कैदियों को पकड़ने के लिए और तेज होगा।"**  

## 🌟 एक कदम, कई सवाल  

इस गिरफ्तारी ने पुलिस की सक्रियता को तो दिखाया, लेकिन कई सवाल भी खड़े किए:  

- 15 साल तक यह आरोपी कैसे बचता रहा?  

- क्या अन्य फरार कैदी भी जल्द पकड़े जाएंगे?  

रायपुर पुलिस का यह अभियान निश्चित रूप से अन्य अपराधियों के लिए एक चेतावनी है कि कानून का लंबा हाथ उन्हें देर-सवेर पकड़ ही लेगा।  

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