**डोंगरगढ़ शराब कांड में सनसनीखेज खुलासा: नागपुर से नकली होलोग्राम सप्लायर पकड़ा, नोट गिनने की मशीन जब्त, मास्टरमाइंड अब भी फरार!**

**डोंगरगढ़ शराब कांड में सनसनीखेज खुलासा: नागपुर से नकली होलोग्राम सप्लायर पकड़ा, नोट गिनने की मशीन जब्त, मास्टरमाइंड अब भी फरार!**  

राजनांदगांव, छत्तीसगढ़: डोंगरगढ़ के अवैध शराब बॉटलिंग मामले में हर दिन नया ट्विस्ट सामने आ रहा है। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने नागपुर से नकली होलोग्राम और लेबल सप्लायर **चंदन ममतानी** को धर दबोचा है। इससे पहले गोंदिया से पकड़े गए **मनोज जसाराम** की निशानदेही पर चंदन तक पहुंची पुलिस को उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। लेकिन इस पूरे रैकेट का असली मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।  

### **नोट गिनने की मशीन ने खोली पोल**  

पुलिस ने मुख्य आरोपी **रोहित उर्फ सोनू नेताम** के घर से छापेमारी में **नोट गिनने की मशीन** जब्त की है, जो इस काले कारोबार की मोटी कमाई की ओर इशारा कर रही है। करीब 10 दिन पहले करवारी रोड के एक फार्म हाउस में हुई रेड में **27 लाख रुपये की शराब** और बॉटलिंग यूनिट का भंडाफोड़ हुआ था। अब तक इस मामले में **14 आरोपी** पकड़े जा चुके हैं, जिनमें रोहित और उसका साथी **नंद किशोर उर्फ छोटा कट्टी** शामिल हैं। दोनों से रिमांड पर पूछताछ जारी है।  

### **मास्टरमाइंड: भाजपा का बड़ा नाम?**  

सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड एक **भाजपा पदाधिकारी** हो सकता है, जो किसी बड़े समूह से जुड़ा है। उसी के इशारे पर **मध्य प्रदेश** से सस्ती शराब की खेप डोंगरगढ़ पहुंचती थी। पुलिस अभी इस शख्स तक नहीं पहुंच पाई है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी से इस घोटाले का और बड़ा पर्दाफाश होने की उम्मीद है।  

### **3600 बनाम 2100: शराब का खेल**  

इस कांड की सबसे चौंकाने वाली बात है शराब की कीमत का अंतर। छत्तीसगढ़ में जहां शराब **3600 रुपये** में मिलती है, वहीं मध्य प्रदेश से परिवहन सहित वही शराब सिर्फ **2100 रुपये** में लाई जा रही थी। डोंगरगढ़ में नकली होलोग्राम और लेबल लगाकर इसे पैक किया जाता था और फिर कोचियों के जरिए बाजार में बेचा जाता था। पुलिस का मानना है कि इसमें एक विशाल गैंग शामिल है, जिसकी जड़ें गहरी हैं।  

### **क्या होगा अगला खुलासा?**  

पुलिस इस सनसनीखेज मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है। अब तक की जांच में यह साफ हो चुका है कि यह सिर्फ शराब तस्करी नहीं, बल्कि संगठित अपराध का बड़ा नेटवर्क है। क्या पुलिस मास्टरमाइंड तक पहुंच पाएगी? क्या इस घोटाले से जुड़े और बड़े नाम सामने आएंगे? आने वाले दिन इस रहस्य से पर्दा उठाएंगे। तब तक, डोंगरगढ़ का यह शराब कांड सुर्खियों में बना रहेगा!

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