**नक्सलियों का नया दांव: 'पूर्ण युद्धविराम करेंगे, सरकार साथ दे', गृहमंत्री बोले- 'बंदूक का जवाब बंदूक से'**
बस्तर, छत्तीसगढ़: नक्सलियों ने एक बार फिर शांतिवार्ता का कार्ड खेला है। सप्ताहभर में दूसरी बार जारी पर्चे में नक्सली लीडर **रूपेश** ने कहा, "हम पूर्ण युद्धविराम को तैयार हैं, बशर्ते सरकार अनुकूल माहौल बनाए।" लेकिन छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री **विजय शर्मा** ने दोटूक जवाब दिया- "नक्सली बात करना चाहते हैं तो हम तैयार हैं, पर बंदूक का जवाब चर्चा से नहीं, बंदूक से ही मिलेगा।"
### **'साथियों से बात जरूरी, अभियान रोकें'**
नक्सलियों के **उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो** के प्रभारी रूपेश ने पर्चे में दावा किया कि शांतिवार्ता के लिए उनके नेतृत्व से चर्चा जरूरी है। "लगातार ऑपरेशन के बीच यह मुमकिन नहीं। सरकार अभियान रोके, तभी फैसला ले पाएंगे।" रूपेश ने यह भी साफ किया कि बस्तर का कोई लीडर डर से भागा नहीं है, बल्कि संगठन के काम के लिए दूसरे राज्यों में आना-जाना होता है।
### **केंद्र की डेडलाइन, 142 नक्सली ढेर**
केंद्रीय गृहमंत्री **अमित शाह** की मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने की घोषणा के बाद बस्तर में ऑपरेशन तेज हो गए हैं। 2025 में अब तक **142 नक्सली मारे जा चुके हैं**। इससे दबाव में आए नक्सलियों ने पहले भी शांतिवार्ता की पेशकश की थी। सेंट्रल कमेटी ने स्वीकार किया था कि 15 महीनों में उनके **400 साथी** मारे गए हैं।
### **'विकास विरोधी नहीं, स्कूल-अस्पताल का सपोर्ट'**
नक्सलियों ने खुद को विकास विरोधी बताए जाने पर भी सफाई दी। रूपेश ने कहा, "हम स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, राशन दुकान, बिजली-पानी का विरोध नहीं करते। इनके सुचारू संचालन की मांग करते हैं।" साथ ही अपने कमांडरों को हिदायत दी कि शांतिवार्ता के लिए माहौल बनाएं, लेकिन सतर्क रहें, क्योंकि सरकार ने अभी उनकी शर्तें नहीं मानी हैं।
### **पहले भी आई थी अपील**
एक हफ्ते पहले सेंट्रल कमेटी के सदस्य **अभय** ने भी पर्चा जारी कर शांतिवार्ता की बात कही थी। अभय ने 400 साथियों के मारे जाने का जिक्र करते हुए सरकार से अभियान रोकने की मांग की थी। लेकिन सरकार का रुख सख्त बना हुआ है।
### **शर्मा का जवाब: शर्त नहीं, हथियार डालें**
गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों की शर्तों को ठुकराते हुए कहा, "वार्ता के लिए कोई शर्त नहीं चलेगी। हथियार डालें, फिर बात होगी।" पर्चे में नक्सलियों ने शर्मा के उठाए मुद्दों को एजेंडा बनाने की बात तो कही, लेकिन सरकार साफ तौर पर सैन्य कार्रवाई को प्राथमिकता दे रही है।
### **क्या होगा अगला कदम?**
नक्सलियों का दावा है कि सरकार का सकारात्मक रुख मिलते ही वे **पूर्ण युद्धविराम** करेंगे। लेकिन गृहमंत्री के तेवर देखकर लगता है कि बस्तर में जंग अभी थमने वाली नहीं। क्या यह पेशकश शांति की ओर कदम है या दबाव में नक्सलियों की नई चाल? आने वाला वक्त ही बताएगा!




