🚨 **हाईकोर्ट का सख्त रुख: कैंसर मरीज को नहीं मिली एंबुलेंस, सरकार और रेलवे से जवाब तलब** 🚑
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन और दंतेवाड़ा में मरीजों को एंबुलेंस न मिलने पर कड़ा रुख अपनाया है। 😡 चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने कहा, "राज्य सरकार की मुफ्त योजनाएं तो हैं, लेकिन सुविधाएं कहां हैं?" 🧐 कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव और बिलासपुर रेलवे के DRM से जवाब मांगा है। 📜
**क्या है पूरा मामला?** 🤔
- **बिलासपुर रेलवे स्टेशन**: एक 62 वर्षीय कैंसर पीड़ित महिला रानी बाई की ट्रेन में मौत हो गई। 🚆 शव को स्ट्रेचर पर गेट तक लाया गया, लेकिन एंबुलेंस का ड्राइवर गायब था। 😞 बाद में ड्राइवर ने शव ले जाने से मना कर दिया। परिजनों ने किसी तरह दूसरी एंबुलेंस का इंतजाम किया। 🥳
- **दंतेवाड़ा की दुखद घटना**: गीदम में 11 घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। ⏰ परिजन 108 पर कॉल करते रहे, लेकिन मदद रात में आई। तब तक मरीज की जान चली गई। 😢 नाराज परिजनों ने अस्पताल में हंगामा मचाया। 🗣️
**हाईकोर्ट का सवाल** ❓
कोर्ट ने पूछा, "इमरजेंसी में एंबुलेंस क्यों नहीं मिलती? व्यवस्था सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?" 🩺 कोर्ट ने इसे जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की और कहा, "कैंसर मरीज को एंबुलेंस न दे पाना गंभीर लापरवाही है।" 😠
**सरकार का दावा, कोर्ट का जवाब** 💬
सरकार ने कहा कि मुफ्त एंबुलेंस सेवा दी जा रही है। लेकिन कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, "अगर मरीज को समय पर सुविधा नहीं मिली तो जान चली जाती है।" ⚠️ रेलवे के अस्पताल होने के बावजूद भी सुविधा न मिलने पर कोर्ट ने हैरानी जताई। 😲
**अगला कदम** ➡️
हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग और रेलवे को पूरी जानकारी देने का आदेश दिया है। अब सबकी नजरें इस मामले पर टिकी
