रायपुर के नगर निगम गार्डन की बदहाली: लाखों की वसूली, जीरो मेंटेनेंस – अब महापौर मीनल चौबे से जवाब मांग रहे लोग

 रायपुर के नगर निगम गार्डन की बदहाली: लाखों की वसूली, जीरो मेंटेनेंस – अब महापौर मीनल चौबे से जवाब मांग रहे लोग

रायपुर। शहर की शान कहे जाने वाला नगर निगम गार्डन इन दिनों गंदगी, लापरवाही और भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है। एक ओर नगर निगम गार्डन को हरा-भरा और साफ-सुथरा बनाए रखने के नाम पर लाखों की वसूली हो रही है, वहीं दूसरी ओर हालत इतनी खराब है कि यहां न हरियाली बची है, न सुरक्षा और न ही बुनियादी सुविधाएं। अब शहरवासी खुलकर पूछ रहे हैं – "जब मीनल चौबे नेता प्रतिपक्ष थीं तो आवाज उठाती थीं, अब महापौर बनकर चुप क्यों हैं?"



गार्डन में व्याप्त अव्यवस्थाएं – लोग परेशान, सवालों की बौछार

गार्डन में लगी फूड स्टॉल्स और कैफे की चकाचौंध के बीच नशेड़ियों की धमाचौकड़ी, टूटा शौचालय, पानी की व्यवस्था नदारद और गायब CCTV – ये सब गार्डन को असुरक्षित और अस्वास्थ्यकर बना रहे हैं। स्थानीय निवासी राहुल गोस्वामी ने बताया कि यह गार्डन अब लोगों के सुकून का स्थान नहीं रहा, बल्कि नशे और अव्यवस्था का केंद्र बन चुका है।

कचरा जलाने से बीमार हो रहे जानवर, पर्यावरण को खतरा

गौसेवक तनय लूलिया ने खुलासा किया कि गार्डन में खुलेआम प्लास्टिक और गीला कचरा जलाया जा रहा है, जिससे न सिर्फ पर्यावरण दूषित हो रहा है, बल्कि वहां घूमने वाले जानवर भी बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को कोर्ट तक ले जाएंगे।

पहले था प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक, अब बना चौपाटी

प्रकृति प्रेमी समीर का कहना है कि जिस गार्डन में कभी सुकून और हरियाली होती थी, वो अब भीड़-भाड़ और व्यवसायिक गतिविधियों से भर चुका है। टेंडर के बाद इसकी हालत और खराब हो गई है – और यह अकेले इसी गार्डन की बात नहीं है, बल्कि पूरे शहर के कई गार्डन ऐसी ही दुर्दशा झेल रहे हैं।

किसे दिया गया ठेका, क्या हैं जिम्मेदारियां?

नगर निगम ने गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को गार्डन के रखरखाव का ठेका दिया है। ठेकेदार मयंक अग्रवाल सालाना 6.5 लाख रुपए निगम को देता है और बदले में गार्डन की 20% जमीन पर व्यवसायिक गतिविधियां चलाता है। उसकी जिम्मेदारी सुरक्षा, सफाई, हरियाली, पानी, शौचालय और CCTV जैसी सुविधाएं देने की है – जो फिलहाल कागजों तक ही सीमित हैं।

महापौर मीनल चौबे का आश्वासन – लूंगी सख्त एक्शन

इस मुद्दे पर महापौर मीनल चौबे ने कहा कि वो स्वयं जल्द गार्डन का निरीक्षण करेंगी और यदि ठेकेदार की लापरवाही साबित होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "जब मैं विपक्ष में थी तब भी गार्डन के मुद्दे उठाए थे, और अब महापौर बनने के बाद भी इसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।"

नागरिकों की अपील – अब वक्त है कार्रवाई का

शहरवासी अब केवल वादे नहीं, ठोस कदम चाहते हैं। उनका साफ कहना है कि यह गार्डन सिर्फ एक सार्वजनिक स्थल नहीं, बल्कि रायपुर की पहचान है – और इसकी सूरत संवरनी चाहिए, बर्बाद नहीं होनी चाहिए।



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