जंगल के बीच जिंदगी की नई शुरुआत: कोरबा में 112 वाहन बना डिलीवरी रूम, मितानिन ने कराई सुरक्षित डिलीवरी
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दिल छू लेने वाली खबर सामने आई है, जहां जंगल के बीच 112 आपातकालीन सेवा वाहन में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया। बांगो थाना क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय संगीता कुजूर को अचानक तेज प्रसव पीड़ा हुई। परिवार ने तुरंत 112 पर कॉल किया और जिंदगी की जंग में समय पर मिली मदद ने एक नई कहानी लिख दी।
मदद बनकर पहुंचे 112 के रक्षक
सूचना मिलते ही चालक संजय कुमार और आरक्षक राम सिंह श्याम की टीम खोटखोर्री गांव पहुंची। संगीता को परिजनों और मितानिन प्रेमा बाई की सहायता से वाहन में बैठाया गया। महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही दर्द असहनीय हो गया।
जंगल में रुकी गाड़ी, शुरू हुआ जीवन का नया अध्याय
मितानिन की सूझबूझ और प्रशिक्षण के दम पर ईआरवी वाहन को जंगल के बीच रोका गया। वही गाड़ी कुछ ही पलों में डिलीवरी रूम में तब्दील हो गई। संगीता ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, जो उसका पहला संतान है।
इसके बाद मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित मोरगा अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार वालों ने खुशी में मिठाइयां बांटी और 112 की टीम व मितानिन का आभार जताया।
मितानिन बनीं ‘जंगल की देवदूत’
मितानिनों को राज्य सरकार की ओर से विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे संकट के समय सुरक्षित प्रसव करवा सकें। जंगल के सन्नाटे और जंगली जानवरों की आशंका के बीच प्रेमा बाई ने जो काम किया, वो किसी नायिका से कम नहीं।
यह सिर्फ एक डिलीवरी नहीं, एक मिसाल है
जहां सड़कें नहीं, वहां उम्मीद है। जहां अस्पताल दूर, वहां 112 है। और जहां डॉक्टर नहीं, वहां मितानिन हैं।
