**जशपुर: चावल बेचने पहुंचे पिता-पुत्र को राइस मिलर ने बनाया बंधक, की बेरहमी से मारपीट, 3 लाख कैश भी छीने!**

 **जशपुर: चावल बेचने पहुंचे पिता-पुत्र को राइस मिलर ने बनाया बंधक, की बेरहमी से मारपीट, 3 लाख कैश भी छीने!**

**छत्तीसगढ़ |** जशपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां **चावल बेचने पहुंचे एक व्यवसायी पिता-पुत्र** को **राइस मिल संचालक ने न सिर्फ बंधक बनाया**, बल्कि **चार घंटे तक बेरहमी से पीटा** और **3 लाख रुपये भी छीन लिए**।  

घटना ने न केवल व्यापारियों में आक्रोश भर दिया है, बल्कि **पुलिस की कार्रवाई और पीडीएस चावल के गोरखधंधे** पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

 क्या है पूरा मामला?

- **मुकेश अग्रवाल** और उनके बेटे **यश अग्रवाल**, **झगरपुर (लैलूंगा)** निवासी, शनिवार को दो पिकअप में धान और चावल भरकर **पत्थलगांव के कमला राइस मिल** पहुंचे थे।  

- सौदा तय नहीं होने पर जब वे लौटने लगे, तो **मिलर परशुराम अग्रवाल, उनके बेटे आयुष और भतीजे श्रीराम कुलर वाला** ने पीछा कर उन्हें **शिवपुर के पास रोककर जबरदस्ती उतारा**।  

- आरोप है कि तीनों ने मिल में और फिर अपने घर में ले जाकर **मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।**  

- **3 लाख रुपये नगद** भी छीन लिए गए, जो एक अन्य व्यापारी द्वारा दिए गए थे।

पुलिस ने की कार्रवाई:

- **पत्थलगांव पुलिस** ने सूचना मिलने पर दोनों को **बंधक से मुक्त कराया**।  

- शिकायत पर **अपहरण, मारपीट और धमकी देने सहित BNS की धारा 140-3, 296, 115-2, 351-3** के तहत मामला दर्ज किया गया है।  

- **एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल** ने बताया कि जांच जारी है, सभी तथ्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी

मामला सिर्फ मारपीट का नहीं, चावल की कालाबाज़ारी का भी शक:

- सूत्रों के मुताबिक, यह **मामला सिर्फ आपसी विवाद नहीं** बल्कि **पीडीएस चावल की खरीदी-बिक्री** से भी जुड़ा हो सकता है।  

- **पड़ताल में सामने आया** कि पीड़ित पक्ष गांव-गांव से चावल खरीदकर इस मिल में बेचने आया था।  

- ऐसे में सवाल उठता है कि अगर यह **पीडीएस चावल** था, तो **उसकी खरीदी पर प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की?**

 व्यापारियों में आक्रोश, समाज के वरिष्ठजन भी परेशान:

- घटना के बाद लैलूंगा क्षेत्र के व्यापारी **पत्थलगांव थाने पहुंचे**, जहां दोनों पक्षों में **काफी बहस हुई**।  

- **समाज के वरिष्ठों** ने समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।

**बड़ा सवाल यह है कि क्या चावल खरीदी के नाम पर किसी को बंधक बनाना और मारपीट करना कानून के दायरे से बाहर है? और क्या पीडीएस चावल की कालाबाज़ारी पर अब कार्रवाई होगी या फिर यह भी दबा दिया जाएगा?**

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