बीरगांव नगर निगम में हंगामा: बजट सत्र में भाजपा पार्षदों ने मेयर पर फेंका पानी, विरोध में लगे नारे
रायपुर। बीरगांव नगर निगम के बजट सत्र के दौरान उस वक्त बवाल मच गया जब भाजपा पार्षदों ने महापौर नंदलाल देवांगन पर पानी से भरा कंटेनर उड़ेल दिया। पार्षदों का आरोप था कि गर्मी के इस मौसम में शहर के कई वार्डों में पानी की भारी किल्लत है और नगर निगम जनता की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। इस अप्रत्याशित विरोध प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी हुई और सदन में तनाव का माहौल बन गया।
घटना उस समय हुई जब महापौर 2025-26 का बजट भाषण पढ़ रहे थे। तभी भाजपा पार्षद विरोध जताते हुए कंटेनर में पानी लेकर महापौर के पास पहुंचे और भाषण के दौरान ही पानी उन पर डाल दिया। इससे न सिर्फ मेयर के कपड़े भीग गए बल्कि बजट दस्तावेज भी क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना के बाद कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा पार्षदों की इस हरकत की कड़ी निंदा की।
भाजपा पार्षदों ने कहा कि नगर के कई हिस्सों में लंबे समय से पानी की आपूर्ति बाधित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो भविष्य में और उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे।
149 करोड़ का बजट पेश
हंगामे के बावजूद महापौर नंदलाल देवांगन ने 149 करोड़ रुपये का बजट सदन में प्रस्तुत किया। इसमें प्रमुख योजनाओं के लिए राशि आवंटित की गई:
जल आपूर्ति के लिए 10 करोड़ रुपए
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 हेतु 20 करोड़ रुपए
नगर उत्थान योजना के तहत 30 करोड़ रुपए
तालाबों के पुनर्विकास हेतु विशेष प्रावधान
6 गांवों में मांस-मछली बाजार निर्माण का प्रस्ताव
मेयर की प्रतिक्रिया
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए महापौर देवांगन ने इसे “अमर्यादित और मुद्दाविहीन राजनीति” करार दिया। उनका कहना है कि 80-90% क्षेत्रों में जल आपूर्ति सुचारु है और बाकी इलाकों में जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने इस बर्ताव को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गरिमा के खिलाफ बताया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
निष्कर्ष
बीरगांव में पानी संकट एक गंभीर मुद्दा है, लेकिन सदन में इस तरह का विरोध तरीका कई सवाल खड़े करता है। क्या इससे समस्या का समाधान निकलेगा या राजनीतिक टकराव और गहराएगा — ये आने वाला वक्त बताएगा।
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