CGPSC घोटाला “हत्या से भी बड़ा अपराध”: हाईकोर्ट ने बेल ठुकराई, कहा- लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया
डिप्टी कलेक्टर बने रसूखदारों के बेटे-बहू की जमानत याचिका खारिज, CBI जांच में खुला बड़ा खेल
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने PSC घोटाले को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि "ये अपराध हत्या से भी ज्यादा जघन्य है।"
जस्टिस बी.डी. गुरु की सिंगल बेंच ने यह टिप्पणी करते हुए बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण गोयल के बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। दोनों को CBI ने 6 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया था।
लाखों युवाओं के भविष्य से किया गया खिलवाड़
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब प्रश्नपत्रों का लीक कराकर कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाया जाता है, तो यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, लाखों युवाओं के भविष्य की हत्या होती है।
"एक हत्या एक परिवार को प्रभावित करती है, पर यह घोटाला पूरे समाज को हिलाकर रख देता है।"
क्या है CGPSC घोटाला?
2019 से 2022 तक PSC की भर्ती परीक्षाओं में घोटाले का आरोप है।
विशेष रूप से 2020 और 2021 की परीक्षाओं में, रसूखदारों के बेटे-बेटियों को चयन सूची में जगह दिलाई गई।
CBI जांच में चौंकाने वाले खुलासे:
तत्कालीन PSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों और करीबी नेताओं के बच्चों को लाभ पहुंचाया।
रायपुर के उद्योगपति श्रवण गोयल ने अपनी कंपनी से एक NGO को CSR फंड के नाम पर 45 लाख दिए।
यह NGO सोनवानी की पत्नी, भाई और भतीजे द्वारा संचालित था।
इसी पैसे के बदले, शशांक और भूमिका को परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक कराए गए।
दोनों ने वही प्रश्न हल कर PSC पास किया और डिप्टी कलेक्टर बने
सबीआई की जांच में क्या मिला?
NGO को 2 मार्च 2022 और 18 मई 2022 को क्रमशः 20 लाख और 25 लाख रुपये दिए गए।
सवाल पत्र A-2 सीरीज को गोपनीय रूप से इन्हें पहुंचाया गया।
सोनवानी के भाई अनिल सोनवानी ने भी इस फंडिंग और सांठगांठ की बात कबूली।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी:
"आरोपियों की हरकतें फसल को खा जाने वाली बाड़ जैसी हैं। ऐसे अपराध को हल्के में नहीं लिया जा सकता।"
CBI की ओर से सशक्त पैरवी:
सीबीआई की तरफ से एडवोकेट बी. गोपाकुमार ने अदालत में केस रखा, जिसके बाद कोर्ट ने बेल याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।
PSC की 2021 की परीक्षा में बड़ा घोटाला:
171 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा हुई थी।
2,565 अभ्यर्थियों ने प्रीलिम्स पास किया, 509 मेन्स में सफल रहे।
11 मई 2023 को फाइनल लिस्ट जारी हुई, जिसमें रसूखदारों के बच्चों के नाम शामिल थे।
निष्कर्ष:
CGPSC घोटाला सिर्फ एक भर्ती में गड़बड़ी नहीं, सिस्टम पर से विश्वास उठाने वाला मामला है।
अब अदालत और CBI की कार्रवाई पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हैं—क्या सच्चे गुनहगारों को मिलेगा उनके अपराध का सही


