रायपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी, ऑफ सीजन में भी रौनक बरकरार सुरक्षा जांच के लिए देर रात किया गया मॉकड्रिल, यात्रियों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही


 

राजधानी रायपुर का स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट इन दिनों यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण चर्चा में है। आमतौर पर गर्मियों और त्योहारों के मौसम में यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ती है, लेकिन इस बार बारिश और ऑफ सीजन के बावजूद एयरपोर्ट पर रौनक कम नहीं हुई है। यात्रा करने वालों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। एयरपोर्ट प्रबंधन और एयरलाइंस कंपनियों के लिए यह सकारात्मक संकेत है कि हवाई यात्रा की मांग अब मौसम पर निर्भर नहीं रह गई है।

एयरपोर्ट प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार, 18 अगस्त से 24 अगस्त के बीच कुल 50,106 यात्रियों ने यहां से यात्रा की। इनमें से 25,243 यात्री दूसरे शहरों से रायपुर पहुंचे, जबकि 24,863 यात्री रायपुर से विभिन्न गंतव्यों के लिए रवाना हुए। इस अवधि में कुल 346 उड़ानों का संचालन हुआ। इससे पहले 18 अगस्त तक 48,204 यात्रियों ने एयरपोर्ट का उपयोग किया था। आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि लगातार खराब मौसम और भारी वर्षा के बावजूद यात्रियों की संख्या बढ़ी है।

सबसे ज्यादा यात्रियों की आवाजाही दिल्ली और मुंबई के लिए दर्ज की गई। यही कारण है कि इन दोनों शहरों के लिए उड़ानों की संख्या भी सबसे अधिक है। इसके अलावा बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई जैसे शहरों के लिए भी यात्रियों का उत्साह देखने को मिला। एयरलाइंस कंपनियों का मानना है कि आगामी दिनों में गणेशोत्सव, दशहरा और दीपावली के दौरान यात्री संख्या में रिकॉर्ड इजाफा हो सकता है।

यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या ने एयरलाइंस कंपनियों को भी राहत दी है। ऑफ सीजन में सीट भरने की चिंता आमतौर पर बनी रहती है, लेकिन इस बार स्थिति इसके विपरीत है। कंपनियां अब अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने की योजना बना रही हैं ताकि त्योहारों के समय भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और यात्रियों को असुविधा न हो।

सुरक्षा पर खास ध्यान

यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत किया जा रहा है। रविवार की देर रात एयरपोर्ट परिसर में एक छोटा मॉकड्रिल किया गया। रात लगभग 11 बजे अधिकारियों ने एयरपोर्ट क्षेत्र के बाहर एक बैग रखकर सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता की परीक्षा ली। थोड़ी ही देर में वहां मौजूद सुरक्षा जवानों की नजर बैग पर पड़ी।

जवानों ने तुरंत आसपास खड़े लोगों से पूछताछ की, लेकिन जब किसी ने बैग का दावा नहीं किया तो उसे संदिग्ध मानकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई। मेटल डिटेक्टर और प्रशिक्षित कुत्तों की मदद से बैग की गहन जांच की गई। राहत की बात यह रही कि बैग में कोई खतरनाक वस्तु नहीं मिली। बाद में अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास केवल प्रतिक्रिया समय और सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए किया गया था।

इस अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में सुरक्षा बल कितनी तेजी से कार्रवाई कर सकते हैं। ऐसे मॉकड्रिल समय-समय पर किए जाते हैं ताकि सुरक्षा तंत्र हर हालात से निपटने के लिए तैयार रहे। यात्रियों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यह और भी महत्वपूर्ण हो गया है कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढील न हो।

यात्रियों का विश्वास बढ़ा

एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों का कहना है कि हवाई यात्रा अब पहले की तुलना में ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित हो गई है। मौसम खराब होने के बावजूद उड़ानों का संचालन सामान्य रहा, जिससे यात्रियों का भरोसा एयरलाइंस पर और मजबूत हुआ है।

रायपुर से नियमित उड़ानों का संचालन होने से प्रदेश के व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश के भीतर और बाहर तेज कनेक्टिविटी ने आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को गति दी है।

आने वाले समय में नई उड़ानों की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह रफ्तार बनी रही तो रायपुर एयरपोर्ट यात्री संख्या के मामले में और ऊंचाइयां छू सकता है। एयरलाइंस कंपनियां भी यहां की क्षमता को समझ रही हैं और भविष्य में नई उड़ानों की घोषणा कर सकती हैं। त्योहारों के मौसम में इसका असर और स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।

रायपुर एयरपोर्ट के लगातार बेहतर होते आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि प्रदेश में हवाई यात्रा अब सामान्य जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है। यात्री न केवल आरामदायक सफर चाहते हैं बल्कि समय की बचत भी उनके लिए महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि ऑफ सीजन में भी एयरपोर्ट पर हलचल कम नहीं हो रही।

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