राजधानी में बदलते मौसम के कारण इस समय वायरल फीवर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आमतौर पर बरसात या ठंड के मौसम में वायरल बुखार कुछ दिनों तक परेशान करता है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इस बार का वायरल बुखार नया रूप लेकर सामने आया है। इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मरीजों को ठीक होने में पहले की तुलना में दोगुना समय लग रहा है। जहां सामान्य वायरल बुखार 4 से 5 दिन में ठीक हो जाता था, वहीं अब मरीजों को पूरी तरह स्वस्थ होने में 15 से 20 दिन लग रहे हैं।
गुढ़ियारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. भेनुज सिन्हा ने बताया कि इस बुखार के लक्षण सामान्य वायरल से अधिक गंभीर हैं। मरीजों को तेज सिरदर्द, जोड़ों और कमर में दर्द, ठंड लगना, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं लंबे समय तक परेशान कर रही हैं। इसके साथ ही सर्दी-जुकाम और खांसी की शिकायत भी जुड़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि यह वायरल का नया रूप है और इसकी प्रवृत्ति सामान्य बुखार से अलग है।
बच्चों में डायरिया का खतरा ज्यादा
डॉ. सिन्हा के अनुसार बच्चों में इस समय वायरल के साथ डायरिया के मामले भी बढ़ रहे हैं। कई बच्चों में बुखार के साथ उल्टी-दस्त की समस्या देखी जा रही है। यह स्थिति माता-पिता के लिए और भी चिंता का विषय है क्योंकि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ों की तुलना में कमजोर होती है।
खोखोपारा सीएचसी प्रभारी डॉ. शुभ्रत सिंह ठाकुर ने बताया कि इस नए वायरल फीवर में पहले तेज बुखार आता है, फिर सिरदर्द और जोड़ों का दर्द शुरू होता है। इसके बाद दस्त, उल्टी, सर्दी और खांसी की शिकायत हो जाती है। इसकी खासियत यह है कि यदि परिवार के एक सदस्य को संक्रमण होता है, तो जल्द ही पूरा परिवार इसकी चपेट में आ जाता है।
कमजोर इम्यून सिस्टम पर ज्यादा असर
अंबेडकर अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि वायरल संक्रमण का मुख्य कारण लोगों की कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता है। जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है, वे इसकी चपेट में जल्दी आ जाते हैं। इसके अलावा, मरीज डॉक्टर द्वारा दी गई दवाई की पूरी डोज नहीं ले रहे हैं। इससे बुखार तो उतर जाता है, लेकिन शरीर पूरी तरह ठीक नहीं हो पाता। यही वजह है कि मरीज लंबे समय तक बीमार रहते हैं।
डॉक्टरों की सलाह: बरतें विशेष सावधानी
चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि इस समय विशेष सावधानी बरतें। सर्दी-जुकाम के मरीजों से दूरी बनाए रखें, मास्क लगाकर बाहर निकलें और भीड़-भाड़ से बचें। बार-बार हाथ धोने की आदत डालें। फ्रिज का ठंडा पानी और ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करें। एसी का प्रयोग कम करें और मौसमी फल-सब्जियों का सेवन करें। साथ ही फास्ट फूड और बाहर का खाना खाने से भी बचें।
डॉक्टरों ने यह भी बताया कि यदि कोई मरीज खांस या छींक रहा है तो उसे मुंह ढककर रखना चाहिए। इससे घर के अन्य लोग संक्रमण से बच सकते हैं। परिवार में किसी एक को वायरल हो तो तुरंत इलाज कराना जरूरी है, वरना यह तेजी से सभी को प्रभावित कर सकता है।
लगातार छुट्टियां, सरकारी अस्पतालों में सीमित समय की ओपीडी
प्रदेश में तीज, गणेश चतुर्थी और नुआखाई के कारण लगातार तीन दिन की छुट्टियां पड़ रही हैं। इस बीच स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अंबेडकर, डीकेएस सुपर स्पेशलिटी और जिला अस्पतालों में बुधवार 27 अगस्त को केवल दो घंटे ओपीडी संचालित करने का निर्णय लिया गया है। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक मरीजों को डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे। हालांकि आपातकालीन सेवाएं पहले की तरह 24 घंटे चालू रहेंगी।