उपभोक्ता फोरम का फैसला : बीमा नहीं कराने पर नहीं मिलेगी मोबाइल की पूरी क्षतिपूर्ति


 

रायपुर। अगर आप किसी महंगे सामान को कोरियर सर्विस से भेज रहे हैं, तो उसका बीमा कराना बेहद जरूरी है। हाल ही में जिला उपभोक्ता फोरम, रायपुर ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि बिना बीमा कराए भेजे गए कीमती सामान की क्षतिपूर्ति नहीं की जाएगी। इस प्रकरण में परिवादी ने 62,500 रुपए का एप्पल मोबाइल कोरियर से भेजा था, लेकिन उसका बीमा नहीं कराया गया था। नतीजा यह हुआ कि मोबाइल के गुम हो जाने पर उसे पूरी राशि नहीं मिल सकी और सिर्फ कोरियर शुल्क की वापसी का आदेश जारी हुआ।

फोरम के अध्यक्ष डाकेश्वर प्रसाद शर्मा, सदस्य निरुपमा प्रधान और अनिल कुमार अग्निहोत्री की बेंच ने मामले की सुनवाई की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परिवादी ने न तो कोरियर फॉर्म में मोबाइल की वास्तविक कीमत लिखवाई थी और न ही बीमा कराया था। ऐसे में उसे सिर्फ कोरियर शुल्क की वापसी दी जा सकती है।

सिर्फ कोरियर शुल्क की वापसी का आदेश

फोरम ने अपने आदेश में कहा कि परिवादी को कोरियर कंपनी द्वारा वसूले गए शुल्क की पांच गुना राशि यानी 1365 रुपए 6% वार्षिक ब्याज सहित लौटाई जाए। इसके साथ ही मानसिक कष्ट के लिए 5000 रुपए भी देने का आदेश जारी किया गया।

ग्यारह साल पुराने मामले का निपटारा

यह मामला लगभग 11 साल पुराना है। रायपुर निवासी चंद्र कुमार वर्मा ने 23 दिसंबर 2014 को मारुति कोरियर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से अपना मोबाइल अहमदाबाद स्थित सहकर्मी को भेजा था। वर्मा को कोरियर कंपनी के कर्मचारियों ने फास्टट्रैक सर्विस की सलाह दी थी और बताया था कि यह जल्दी और सुरक्षित है। इस भरोसे पर वर्मा ने सामान्य शुल्क से अधिक राशि अदा कर मोबाइल भेजा।

लेकिन मोबाइल न तो गंतव्य तक पहुंचा और न ही वापस मिला। काफी समय तक इंतजार करने के बाद जब स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो फरवरी 2015 में वर्मा ने कोरियर कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा। कंपनी की ओर से जवाब मिला कि मोबाइल भोपाल और अहमदाबाद के बीच कहीं खो गया है। जब क्षतिपूर्ति नहीं दी गई, तब मामला जिला उपभोक्ता फोरम में पहुंचा।

उपभोक्ताओं के लिए सबक

इस मामले से एक महत्वपूर्ण संदेश निकलकर सामने आया है। उपभोक्ता अगर कोई महंगी वस्तु कोरियर से भेजते हैं तो उन्हें उसकी पूरी कीमत स्पष्ट रूप से दर्ज करनी चाहिए और बीमा भी अवश्य कराना चाहिए। बिना बीमा कराए भेजे गए महंगे पार्सल गुम होने पर पूरी रकम की मांग नहीं की जा सकती।

फोरम ने अपने आदेश में यह भी कहा कि कोरियर कंपनी कोरियर सेवा की जिम्मेदारी तो उठाती है, लेकिन बिना बीमा के भेजे गए महंगे सामान की गारंटी नहीं दी जा सकती। इसलिए उपभोक्ताओं को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी मूल्यवान वस्तु को भेजते समय बीमा की प्रक्रिया को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

लंबी लड़ाई के बाद आंशिक राहत

चंद्र कुमार वर्मा ने इस मामले में 11 वर्षों तक न्याय के लिए संघर्ष किया। हालांकि उन्हें मोबाइल की कीमत नहीं मिल सकी, लेकिन कोरियर शुल्क और मानसिक कष्ट के लिए कुछ राशि फोरम ने अवश्य प्रदान की। यह फैसला उन सभी उपभोक्ताओं के लिए एक चेतावनी है जो लापरवाही में महंगी वस्तुएं बिना बीमा कराए कोरियर से भेजते हैं।

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