CM विष्णुदेव साय बंजारा रंग में रंगे: पारंपरिक वेशभूषा में दिखे मुख्यमंत्री, रायपुर में गूंजा बंजारा महाकुंभ
रायपुर | विश्व बंजारा दिवस के खास मौके पर राजधानी रायपुर मंगलवार को बंजारों के रंग में रंग गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित "बंजारा महाकुंभ" के मंच पर जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पारंपरिक बंजारा पोशाक में पहुंचे, तो तालियों की गूंज से पूरा सभागार गूंज उठा।
कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय बंजारा सेवा संघ द्वारा किया गया था, जिसमें पूरे प्रदेश से हजारों की संख्या में समाजजन शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने मंच से कहा,
"बंजारा समाज का इतिहास गौरवशाली है। यह समाज व्यापार, परंपरा और पराक्रम का प्रतीक रहा है। देश की आज़ादी में भी इनका योगदान अविस्मरणीय है।"
कार्यक्रम में बंजारा समाज की महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किया गया 'पारंपरिक लड़ी नृत्य' सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बंजारा समाज के महान नायक लखी शाह को याद करते हुए कहा,
"दो लाख बैलों का मालिक लखी शाह रावलपिंडी से कंधार तक व्यापार करता था। इतने वैभव के बावजूद वे सदैव विनम्र और परोपकारी रहे। 95 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने औरंगजेब की सेना का सामना किया।"
उन्होंने कहा कि दिल्ली के चांदनी चौक की बड़ी जमीन उनके पास थी, लेकिन समाजहित में उन्होंने सब कुछ न्यौछावर कर दिया।
यह महाकुंभ बना सांस्कृतिक गौरव का उत्सव, जहां परंपरा, इतिहास और गर्व एक साथ मंच पर दिखा। मुख्यमंत्री का यह अंदाज और शब्द बंजारा समाज को एक नई ऊर्जा और सम्मान का एहसास दे गया।

