"दुर्ग में साइबर ठगी का पर्दाफाश: पुलिस ने म्यूल अकाउंट होल्डर्स को दबोचा, लाखों की रकम जब्त"


 

दुर्ग, 25 मई 2025 – दुर्ग जिले में साइबर अपराधों पर शिकंजा कसते हुए साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बंधन बैंक की स्मृति नगर, भिलाई शाखा में संचालित 13 संदिग्ध बैंक खातों की जांच के दौरान पुलिस ने 3 ऐसे खातों का पता लगाया जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम जमा करने के लिए किया गया था। इस आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी प्रेम प्रकाश बांधे (19 वर्ष), निवासी हरिनगर कातुलबोर्ड, दुर्ग; फैजल अहमद (24 वर्ष), निवासी रामनगर सुपेला, भिलाई; और देवेन्द्र कुमार गुप्ता (22 वर्ष), निवासी वैशाली नगर, भिलाई हैं। इन तीनों के बैंक खातों की जांच में पाया गया कि उनमें कुल ₹52,716 की संदिग्ध राशि जमा की गई थी, जबकि कुल लेन-देन ₹1,61,084 तक हुआ था।

साइबर थाना दुर्ग की टीम ने खाता विवरण और लेन-देन की गतिविधियों का गहन विश्लेषण कर पाया कि इन खातों का उपयोग अन्य राज्यों में हुई साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जा रहा था। इन खातों को म्यूल अकाउंट के तौर पर पहचाना गया, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी अपने पहचान को छिपाने और पैसे की आवाजाही के लिए करते हैं।

आरोपियों को 23 मई 2025 को गिरफ्तार कर साइबर अपराध से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तीनों से पूछताछ कर मेमोरेंडम कथन दर्ज किया, जिसमें उन्होंने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। जांच में उनके खिलाफ पर्याप्त तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य भी मिले हैं।

दुर्ग रेंज के साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि यह मामला एक बड़ी साइबर ठगी नेटवर्क की ओर संकेत कर रहा है, जिसमें स्थानीय युवाओं को लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस अब अन्य संदिग्ध खातों की भी जांच कर रही है और मामले में और गिरफ्तारी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

साइबर थाना की अपील

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों को किसी के भी कहने पर प्रयोग न करने दें। यदि किसी ने अधिक पैसे कमाने या कमीशन देने के नाम पर आपके खाते का उपयोग करने को कहा है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। ऐसे मामलों में खाता धारक भी अपराध में भागीदार माना जाता है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है।

दुर्ग साइबर थाना की यह कार्रवाई साइबर ठगी से जुड़े मामलों पर प्रभावी रोकथाम की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए छानबीन कर रही है ताकि इस तरह की साइबर आपराधिक गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।

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