बिलासपुर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन मकान की छत से गिरे दो मजदूर, 11 केवी बिजली तार की चपेट में आए बिना सुरक्षा उपकरण के करवा रहे थे काम, मकान मालिक पर लापरवाही का आरोप


 

बिलासपुर। चकरभाठा थाना क्षेत्र के इंदू इमेजिका कॉलोनी में मंगलवार शाम एक निर्माणाधीन मकान की छत पर काम कर रहे दो सगे मजदूर भाई 25 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब उनमें से एक 11 केवी के हाई-वोल्टेज बिजली तार की चपेट में आ गया और दूसरा उसे बचाने दौड़ा। करंट लगने से दोनों भाई छत से नीचे जा गिरे और बुरी तरह झुलस गए।

घटना हाईकोर्ट के पीछे स्थित ग्राम छतौना की है, जहां इंदू इमेजिका कॉलोनी में प्लॉट काटकर मकानों का निर्माण किया जा रहा है। मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे मजदूर रविंद्र मरकाम और उसका भाई शिवेंद्र मरकाम निर्माणाधीन मकान की छत पर काम कर रहे थे। इसी दौरान रविंद्र का हाथ अचानक पास से गुजर रहे 11 केवी बिजली तार से टकरा गया, जिससे वह करंट की चपेट में आ गया। उसकी चीख सुनकर उसका भाई शिवेंद्र उसे बचाने दौड़ा, लेकिन वह भी करंट की जद में आ गया।

दोनों भाई बिजली का झटका लगने के बाद छत से सीधे नीचे जमीन पर गिर पड़े। हादसे में दोनों बुरी तरह झुलस गए हैं और उनके सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। घटना की जानकारी अन्य मजदूरों ने तत्काल डायल 112 को दी। सूचना पर चकरभाठा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मकान मालिक शंकर लोकवानी, जो महामाया ट्रैक्टर ट्राली फर्म का संचालक है, ने सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी करते हुए मजदूरों से छत पर कार्य करवा रहा था। हादसे के समय मजदूरों के पास न तो कोई सुरक्षा बेल्ट था, न ही बिजली लाइनों से बचाव के लिए कोई सावधानी बरती गई थी।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई की संभावना जताई है। दोनों घायल मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

यह हादसा एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है, जहां जान जोखिम में डालकर मजदूरों से काम लिया जा रहा है।

Post a Comment

Previous Post Next Post