शातिर दंपती की ब्लैकमेलिंग का पर्दाफाश: 2 करोड़ की ठगी कर चुके थे व्यापारी से चार साल से कर रहे थे मानसिक उत्पीड़न, व्यवसायी ने की थी आत्महत्या की कोशिश


 

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर दंपती को गिरफ्तार किया है, जिसने चार साल तक एक सराफा व्यवसायी को डराकर, धमकाकर और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर उससे दो करोड़ रुपये की वसूली की। वैशाली नगर पुलिस की कार्रवाई के बाद पूरा मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी महिला और उसके पति ने व्यवसायी की निजी कमजोरी का फायदा उठाकर धीरे-धीरे उसकी संपत्ति, नगदी और गहनों पर कब्जा जमा लिया।

जान-पहचान से जाल में फंसाया

जानकारी के अनुसार, करीब चार-पांच साल पहले नीलिमा यादव उर्फ नीलम लहरे नाम की महिला नौकरी के लिए वैशाली नगर स्थित एक ज्वेलरी शॉप पर पहुंची थी। वहीं उसकी मुलाकात सराफा व्यवसायी से हुई। बातचीत के बहाने उसने धीरे-धीरे विश्वास जीता और फिर संपर्क बढ़ाने लगी।

कुछ समय बाद महिला ने अपने पति आनंद यादव के साथ मिलकर व्यवसायी को एक सुनसान जगह बुलाया और वहीं पर उसे मानसिक दबाव में ले लिया। इसके बाद आरोपी महिला ने लगातार व्यवसायी को धमकाना शुरू कर दिया और उसे बदनाम करने की बात कहकर लाखों की मांग करने लगी।

करोड़ों की संपत्ति हड़पी

चार वर्षों तक चले इस मानसिक उत्पीड़न में पीड़ित व्यवसायी ने महिला के नाम पर बंगला, गाड़ी, जमीन, गहने और नकद राशि तक सौंप दी। यहां तक कि महिला के दबाव में आकर वह एक बार खुद की जान भी लेने की कोशिश कर चुका था, लेकिन समय रहते परिजनों ने उसे बचा लिया।

जब परिजनों को इस पूरी साजिश की जानकारी हुई तो उन्होंने वैशाली नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

शिकायत के बाद एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस ने सघन जांच की और सबूतों के आधार पर नीलिमा यादव व उसके पति आनंद यादव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से व्यवसायी को निशाना बनाया था और उससे करोड़ों रुपये की वसूली की।

पुलिस ने जब्त की बड़ी संपत्ति

पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से निम्न सामान जब्त किया है:

  • ₹16.45 लाख नकद

  • ₹80.49 लाख की सोने की ज्वेलरी

  • ₹25 लाख की एफडी

  • ₹35 लाख का मकान

  • कार व दोपहिया वाहन (कुल कीमत ₹8 लाख)

  • विदेशी मुद्रा समेत अन्य सामान

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 351(2), 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।

यह मामला न केवल धोखाधड़ी और उत्पीड़न का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे योजनाबद्ध तरीके से आमजन को शिकार बनाया जा सकता है। पुलिस की तत्परता से एक बड़ा अपराध उजागर हो सका 

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