कोरबा, 20 जुलाई।
जिले में शुक्रवार रात दो अलग-अलग स्थानों पर हुए भीषण सड़क हादसों ने दो परिवारों की खुशियाँ छीन लीं। पहली घटना कोरबा-चांपा मार्ग पर ग्राम उरगा के पास हुई, जहां एक अज्ञात वाहन की टक्कर से वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र जायसवाल की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र में राखड़ डेम के पास सामने आई, जहां एक तेज रफ्तार राखड़ वाहन ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया। हादसा इतना भयानक था कि मृतक का सिर धड़ से अलग हो गया।
अधिवक्ता की सड़क हादसे में मौत
कोरबा-चांपा मुख्य मार्ग पर उरगा से महज 200 मीटर आगे 57 वर्षीय अधिवक्ता नरेंद्र जायसवाल को एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी। वे अपने घर अंजोरीपाली भैसमा लौट रहे थे। रोज की तरह वे 19 जुलाई को रात करीब 10 बजे जिला न्यायालय से बाइक से निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंच सके।
राहगीरों ने तुरंत 112 और उरगा थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अधिवक्ता को तत्काल अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
उरगा थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से वाहन और चालक की पहचान की कोशिश जारी है।
राखड़ डंपिंग वाहन ने युवक को रौंदा
दूसरी घटना बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र की है। दो नंबर दफाई स्थित राखड़ डेम के पास एक भारी वाहन ने एक बाइक सवार युवक को कुचल दिया। हादसा इतना खौफनाक था कि युवक का सिर धड़ से अलग हो गया।
मृतक की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है, लेकिन हादसे में प्रयुक्त बाइक का नंबर CG 12 BA 6979 है, जो कि सुधीर कुमार नामक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद वाहन चालक मौके से भाग निकला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
बढ़ती दुर्घटनाएं और लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल
एक ही रात में दो दर्दनाक हादसों ने जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों मामलों में वाहन चालक मौके से फरार हो गए, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसों की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए कोरबा जिले की प्रमुख सड़कों पर नियमित पेट्रोलिंग, गति सीमा निर्धारण और सीसीटीवी की संख्या बढ़ाई जाए।
