नक्सलवाद पर निर्णायक वार की तैयारी: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में रणनीतिक बैठक शुरू, “नक्सलमुक्त गांव” को मिलेगा 1 करोड़ का इनाम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए शनिवार को नवा रायपुर स्थित मेफेयर रिसॉर्ट में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक शुरू हो गई है। इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद हैं।
बैठक में पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास योजनाओं और शांति प्रयासों को लेकर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया जा रहा है। इसमें नक्सलियों के शांति प्रस्ताव और आत्मसमर्पण नीतियों पर भी गंभीर मंथन हो रहा है।
शाह का बड़ा संदेश: बस्तर को चाहिए कलम, नहीं हथियार
बस्तर पंडुम 2025 के समापन समारोह में अमित शाह ने कहा, “बस्तर तब बदलेगा जब यहां से डॉक्टर, कलेक्टर, बैरिस्टर और अधिकारी निकलेंगे। अब समय है कि बस्तर हथियार नहीं, कलम और कंप्यूटर की शक्ति से आगे बढ़े।”
आत्मसमर्पण का रास्ता खुला, विरोध का अंजाम सख्त
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि जो नक्सली हथियार छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना चाहेंगे, उन्हें सुरक्षा, पुनर्वास और सम्मान मिलेगा। लेकिन जो हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ेंगे, उनके खिलाफ सुरक्षाबल कठोर कार्रवाई करेंगे।
“नक्सली मुक्त गांव” को मिलेगा 1 करोड़ का विकास फंड
गृहमंत्री ने घोषणा की कि ऐसे गांव जो नक्सलियों के आत्मसमर्पण में सहयोग करेंगे और शांति की दिशा में कदम बढ़ाएंगे, उन्हें *“नक्सल मुक्त गांव” घोषित कर 1 करोड़ रुपये की विशेष विकास निधि दी जाएगी। शाह ने ग्राम सभाओं से अपील की है कि वे सरेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
यह बैठक नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों को और मजबूत करेगी। बस्तर और आसपास के क्षेत्रों में अब बदलाव की बयार है—हथियार की जगह उम्मीदों की कलम चलने को तैयार है।
