बीएमओ की मनमानी से नाराज़ डॉक्टर, कलेक्टर से लगाई गुहार – सूरज राठौर पर परफॉर्मेंस रिपोर्ट में हेराफेरी का आरोप
सक्ती, रवि गोयल – सक्ती जिले के सरकारी अस्पताल में एक बार फिर विवादों की आंच तेज हो गई है। बीएमओ सूरज राठौर पर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बीएमओ ने निजी रंजिश के चलते कुछ डॉक्टरों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट जानबूझकर खराब बनाकर कलेक्टर कार्यालय में जमा कर दी, जिससे उन्हें नौकरी से हटवाया जा सके।
डॉक्टरों का आरोप है कि उन्होंने बीएमओ के अनुचित कार्यों में सहयोग करने से इनकार कर दिया था, इसी कारण उन्हें टारगेट किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि सूरज राठौर की कार्यशैली पहले भी विवादों में रही है, और आज भी उनकी मनमानी जारी है।
इस पूरे मामले पर सीएमएचओ डॉ. केएस कंवर ने कहा कि कुछ डॉक्टरों ने शिकायत दी है कि उनकी परफॉर्मेंस रिपोर्ट को जानबूझकर खराब किया जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है, दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों की मानें तो सूरज राठौर को कांग्रेस सरकार के समय नियमों को ताक पर रखकर सक्ती जिले का सीएमएचओ बना दिया गया था, जबकि कई वरिष्ठ डॉक्टर उस पद के लिए मौजूद थे। बताया जाता है कि राठौर की राजनीतिक पकड़ मजबूत थी, जिसके चलते उन्हें बड़े पद पर बैठाकर मनमानी करने का मौका मिला। सरकार बदलते ही उन्हें बीएमओ बना दिया गया, लेकिन उनके तौर-तरीके नहीं बदले।
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी कलेक्टर को जांच का जिम्मा सौंपा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद उचित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
अब सबकी निगाहें प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं – क्या बीएमओ की कथित तानाशाही पर ब्रेक लगेगा या फिर मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा?

