College Exam: जब नकल में लगा दिमाग, उड़नदस्ता भी रह गया हैरान – 48 स्टूडेंट्स पकड़े गए, अजीबो-गरीब तरीके आए सामने!
PDF वाली प्लानिंग: एक छात्र मोबाइल में PDF में उत्तर डालकर लाया और परीक्षा के दौरान मोबाइल से देखकर लिखता मिला।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा में नकल के नए-नए हथकंडे सामने आ रहे हैं, जिन्हें देखकर जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए। किसी ने रुमाल को बना दिया नकल की किताब, तो किसी ने एग्जाम पैड में ही "गुप्त ज्ञान" छिपा लिया। टेक्नोलॉजी से लेकर जुगाड़ तक, स्टूडेंट्स ने नकल में लगाई ऐसी अकल कि उड़नदस्ता भी चकरा गया!
नकल के ‘जुगाड़ू’ हथकंडे – जानकर आप भी रह जाएंगे दंग
PDF वाली प्लानिंग: एक छात्र मोबाइल में PDF में उत्तर डालकर लाया और परीक्षा के दौरान मोबाइल से देखकर लिखता मिला।
रुमाल बनी ‘गाइड’: एक छात्रा ने अपने रुमाल पर ही सूक्ष्म अक्षरों में पूरी कुंजी छाप रखी थी। दूर से देखने पर यह रुमाल की डिजाइन जैसी लग रही थी, लेकिन करीब से देखने पर राज़ खुल गया।
एग्जाम पैड बना हथियार: एक छात्र ने सफेद रंग के पैड में पेंसिल से हल्के अक्षरों में उत्तर लिख दिए थे। नीचे से पेपर रखने पर वे उत्तर उभरकर दिखाई देने लगे।
हथेलियों पर जवाब: कई छात्र-छात्राएं अपने हाथों की हथेली पर उत्तर लिखकर लाए थे।
प्रवेश पत्र बना नकल पत्र: कई छात्रों ने अपने एडमिट कार्ड के पीछे उत्तर लिखे थे और परीक्षा के दौरान इन्हें एक-दूसरे को बांटते रहे।
जेब, मोजे और चिट्ठियाँ: कुछ छात्र मोजे में पर्ची छिपाकर लाए तो कुछ ने जेब में "चीट शीट" रखी थी।
नकल के मामले में यह कॉलेज सबसे आगे
अब तक कुल 48 नकल प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं।
क्या होगी सजा?
पकड़े गए छात्रों की उत्तरपुस्तिकाएं सीज कर दी गई हैं और उन्हें दोबारा से उत्तर लिखने को कहा गया है। सभी प्रकरण अब यूएफएम (Unfair Means) कमेटी के पास भेजे जाएंगे, जो निम्न श्रेणियों में निर्णय करेगी:
A कैटेगरी: क्षमा
B कैटेगरी: परीक्षा रद्द
C कैटेगरी: पूरे साल की परीक्षा रद्द
D/E कैटेगरी: अनुशासनात्मक कार्रवाई
उड़नदस्ता की सख्त निगरानी
इस कार्रवाई में शामिल उड़नदस्ता टीम में विश्वविद्यालय के अनुभवी अधिकारी और क्रीड़ाधिकारी शामिल रहे, जिनमें डॉ. दिनेश कुमार नामदेव, डॉ. ऋतु दुबे, डॉ. रमेश त्रिपाठी और अन्य सदस्य मौजूद थे।
अब सवाल ये है: परीक्षा में पास होना जरूरी है या नकल से खेल खेलना?
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने साफ कर दिया है – नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई तय है।
