छत्तीसगढ़ में 'सुशासन तिहार' की शुरुआत: लोगों को मिल रहा अपनी आवाज़ उठाने का मंच, पहले दिन से उमड़ी भीड

छत्तीसगढ़ में 'सुशासन तिहार' की शुरुआत: लोगों को मिल रहा अपनी आवाज़ उठाने का मंच, पहले दिन से उमड़ी भीड आवेदन पेटियां बनीं उम्मीद की किरण, हर गाँव-शहर में गूंज रही है सुशासन की पुकार

छत्तीसगढ़ में आज से ‘सुशासन तिहार’ की शुरुआत हो चुकी है, और पहले ही दिन से लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस राज्यव्यापी अभियान का मकसद है – हर आमजन की समस्या तक प्रशासन की सीधी पहुंच।



गाँव से शहर तक – हर कोई रख रहा अपनी बात

राज्य के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में लोग बड़ी संख्या में सामने आकर आवेदन दे रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनकी छोटी-बड़ी परेशानियों का प्रशासन त्वरित समाधान निकालेगा।

तीन चरणों में होगा आयोजन: एक झलक में देखें पूरा कार्यक्रम

1. पहला चरण (8-11 अप्रैल) – सभी ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और जिला मुख्यालयों में नागरिकों से आवेदन लिए जा रहे हैं।

2. दूसरा चरण – अगले एक महीने के भीतर इन आवेदनों पर कार्रवाई कर समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।

3. तीसरा चरण (5-31 मई) – समाधान शिविर आयोजित कर अंतिम निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।

जिलों से ग्राउंड रिपोर्ट – प्रशासन खुद कर रहा है निगरानी

रायपुर: कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने विभिन्न वार्डों का दौरा कर लोगों को आवेदन देने के लिए प्रेरित किया और व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया।

महासमुंद: 51 नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने पंचायतों का दौरा कर निर्देश दिए कि आवेदन प्रक्रिया हर व्यक्ति के लिए सहज और सुलभ हो।

धमतरी: कलेक्टर अभिनाश मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ रोमा श्रीवास्तव ने ग्राम पंचायतों का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अशिक्षित व्यक्तियों के लिए आवेदन भरवाने कर्मचारी मौजूद रहें।

जगदलपुर और बालोद: सभी सरकारी कार्यालयों, वार्डों और गांवों में 'समाधान पेटियां' स्थापित कर दी गई हैं। लोग बड़ी संख्या में इसमें अपनी समस्याएं डाल रहे हैं।

आम जनता की आवाज़ – “अब उम्मीद है समाधान की

विक्रम चंद्राकर, ग्राम परसदा: “गाँव में पेयजल संकट है, मैंने नलकूप खनन का आवेदन दिया है। उम्मीद है अब समाधान ज़रूर होगा।”दुलारी बाई तारक, ग्राम खैराभाठा: “इस सरकार ने हमें अपनी बात कहने का मौका दिया है, यह बहुत अच्छा प्रयास है।”

सुशासन की ओर एक मजबूत कदम

‘सुशासन तिहार’ न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम है, बल्कि यह एक भरोसेमंद रिश्ता कायम कर रहा है – जनता और शासन के बीच। प्रशासन की सक्रियता और जनता की भागीदारी यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ एक नई दिशा की ओर बढ़ रहा है – जहां सुनवाई भी है और समाधान भी।


Post a Comment

Previous Post Next Post