सड़क हादसों में जान बचाने वाले 'गुड सेमेरिटन' बने रियल लाइफ हीरो, SSP ने किया सम्मानित

सड़क हादसों में जान बचाने वाले 'गुड सेमेरिटन' बने रियल लाइफ हीरो, SSP ने किया सम्मानित

“एक नेक कदम, एक ज़िंदगी की आस” – रायपुर के 5 आम लोगों ने दिखाया असाधारण जज़्बा

रायपुर शहर में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो विपरीत परिस्थितियों में भी इंसानियत की मिसाल बन जाते हैं। फरवरी और मार्च महीने में हुई सड़क दुर्घटनाओं में जान बचाने वाले 5 गुड सेमेरिटन (नेक व्यक्ति) को रायपुर पुलिस ने विशेष रूप से सम्मानित किया।

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने इन 'रियल लाइफ हीरोज़' को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और कहा 



 "आप जैसे लोगों की वजह से समाज में मानवता जिंदा है। हम सबको आपसे प्रेरणा लेनी चाहिए।"

शहर के चौक-चौराहों पर लगाए जाएंगे होर्डिंग्स

इन गुड सेमेरिटन को पहचान दिलाने और समाज को प्रेरणा देने के लिए पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, कलेक्टोरेट गेट और मरीन ड्राइव जैसे प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग्स लगाने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य है – और लोग आगे आएं, घायल को अस्पताल पहुंचाने से डरें नहीं।

गुड सेमेरिटन: जो बिना सोचे बन गए किसी की जिंदगी का मसीहा

1. प्रफुल साहू
18 जनवरी को मंदिर हसौद में बाइक दुर्घटना में घायल दो लोगों को देख तुरंत Dial 112 पर कॉल कर पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया।

2. गौरव भारती
4 फरवरी को ग्राम सेरीखेड़ी में एक्सीडेंट में घायल पैदल यात्री की मदद कर तत्काल मेडिकल सहायता दिलवाई।

3. गुलशन बंजारे
6 मार्च को उमरिया में डिवाइडर से टकराकर पलटी कार के घायलों को तुरंत अस्पताल भेजने में निभाई अहम भूमिका।

4. गागेन्द्र सिंह राजपूत
13 फरवरी को अमलेश्वर घाट के पास पलटी कार में फंसे घायलों को अपने स्वयं के वाहन से अस्पताल पहुंचाया।

5. रविंद्र सिंह
11 फरवरी को रावांभाठा में गड्ढे में गिरकर घायल युवक को Dial 112 की मदद से अस्पताल पहुंचाया।

एसएसपी की अपील: “डरिए मत, आगे आइए – कानून आपके साथ है”

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने समाज के युवाओं से अपील की कि अगर सड़क हादसे में कोई घायल दिखे तो मदद करने से पीछे न हटें। गुड सेमेरिटन कानून उन्हें कानूनी सुरक्षा देता है – न कोई पूछताछ, न कोर्ट के चक्कर।

यह सम्मान सिर्फ 5 लोगों का नहीं, बल्कि इंसानियत का है।



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