**बिलासपुर: सरकारी स्कूल की महिला क्लर्क और दो चपरासी सस्पेंड, ड्यूटी से लापरवाही और अनुशासनहीनता पड़ी भारी**
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से एक अजीबो-गरीब और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। शहर के शासकीय हाई स्कूल जरहाभाठा में पदस्थ महिला क्लर्क सुषमा पाण्डेय और दो भृत्य—रश्मि विश्वकर्मा एवं गीता राही—को ड्यूटी से लगातार लापरवाही और अनुशासनहीनता के चलते निलंबित कर दिया गया है।
**समय पर आना मंजूर नहीं, नियमों की अनदेखी करती थीं कर्मचारी**
इन कर्मचारियों को समय पर स्कूल पहुंचना नागवार गुजरता था। बार-बार समझाइश के बावजूद तीनों की आदतों में कोई सुधार नहीं हुआ। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब स्कूल प्राचार्य या स्टाफ इन्हें टोका-टाकी करता, तो वे बगैर किसी अनुमति के सीधे वरिष्ठ कार्यालय पहुंचकर प्राचार्य और अन्य स्टाफ की शिकायतें करने लगती थीं।
**प्राचार्य ने की शिकायत, नोटिस का जवाब असंतोषजनक**
स्कूल प्राचार्य ने आखिरकार जिला शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी से इस रवैए की लिखित शिकायत की। इसके बाद तीनों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। लेकिन जब जवाब असंतोषजनक पाया गया, तो डीईओ ने मामले में तत्काल एक्शन लेते हुए तीनों को निलंबित कर दिया।
**स्वेच्छाचारिता और आचरण नियमों का उल्लंघन बना कार्रवाई की वजह**
जिला शिक्षा अधिकारी के मुताबिक, इन कर्मचारियों का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है। इसलिए स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।
**प्रशासन का सख्त संदेश: लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त**
यह कार्रवाई शिक्षा विभाग के उन कर्मचारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो सरकारी सेवा को अपनी मर्जी से चलाना चाहते हैं। अब साफ है—कामचोरी और अनुशासनहीनता पर सख्ती तय है।
**सरकारी सेवा में लापरवाही अब पड़ेगी महंगी – ये फैसला उसी का एक उदाहरण है।**



