**CG Tourism: दंतेवाड़ा के पालनार में शुरू हुआ नौका विहार – ग्रामीण पर्यटन से बदलेगी गांवों की तस्वीर, युवाओं को मिलेगा रोजगार**
**दंतेवाड़ा:** छत्तीसगढ़ की हरी-भरी वादियों और नदी-झीलों के बीच अब पर्यटन की नई कहानी लिखी जा रही है। **पालनार गांव** में शनिवार को **नौका विहार (बोटिंग)** की शुरुआत के साथ ही दंतेवाड़ा जिले ने **वॉटर टूरिज्म** के क्षेत्र में कदम रख दिया है। इस पहल से न केवल पर्यटक आकर्षित होंगे, बल्कि **स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते** भी खुलेंगे।
### **उद्घाटन से कार्यक्रम तक – बोटिंग का भव्य आगाज़**
इस अवसर पर **जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुंडामी** ने फीता काटकर और पहली नाव को रवाना कर पर्यटन परियोजना का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की भारी उपस्थिति देखी गई। आयोजन के साथ ही आसपास के गांवों में **उत्साह और उम्मीद** की लहर दौड़ गई है।
### **पर्यटन के बहाने तरक्की की राह**
यह परियोजना महज एक पर्यटक आकर्षण नहीं, बल्कि **ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाला प्रयास** है। नाव संचालन, टूर गाइडिंग, पारंपरिक खानपान, और **स्थानीय हस्तशिल्प की बिक्री** जैसे कार्यों से गांव के युवाओं और महिलाओं को **स्वरोजगार के अवसर** मिलेंगे।
### **पालनार बनेगा पर्यटन विकास का रोल मॉडल**
दंतेवाड़ा प्रशासन की यह पहल दर्शाती है कि जब **सरकार और स्थानीय प्रशासन साथ मिलकर योजनाएं लागू करते हैं**, तो उसका असर सीधा **आम जनता की जिंदगी** पर पड़ता है। पालनार का यह प्रयास आने वाले समय में **एक आदर्श पर्यटन स्थल और विकास मॉडल** के रूप में उभरेगा।
### **भविष्य की योजनाएं भी तैयार**
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि पालनार को भविष्य में **समग्र पर्यटन केंद्र** के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे जिले में पर्यटन के साथ-साथ **सामाजिक और आर्थिक स्थिति** में भी बदलाव आने की पूरी संभावना है।
**नंदलाल मुंडामी** ने अपने संबोधन में कहा,
*“यह सिर्फ पर्यटन नहीं, दंतेवाड़ा के विकास की नई शुरुआत है। हम चाहते हैं कि यहां की खूबसूरती और संस्कृति को दुनिया देखे और यहां के युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले।”*
**अब पालानार सिर्फ एक गांव नहीं, छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर उभरता हुआ नया सितारा है!**
