**बिलासपुर में ठग का जाल: PM ऋण योजना के नाम पर किसान से 4.5 लाख की ठगी, ब्लैंक चेक से उड़ाए पैसे**

**बिलासपुर में ठग का जाल: PM ऋण योजना के नाम पर किसान से 4.5 लाख की ठगी, ब्लैंक चेक से उड़ाए पैसे**

बिलासपुर में एक किसान को लोन का लालच देकर ठग ने ऐसा जाल बुना कि उसकी मेहनत की कमाई पलभर में गायब हो गई। प्रधानमंत्री ऋण योजना के तहत 6 लाख का लोन दिलाने का झांसा देकर ठग ने किसान से 4.5 लाख रुपये ठग लिए। उसने गारंटी के नाम पर ब्लैंक चेक लिया और चुपके से पैसे अपने खाते में ट्रांसफर कर फरार हो गया। चकरभाठा थाना पुलिस ने शिकायत के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।



**कैसे फंसा किसान ठग के चक्कर में?**  
ग्राम सारधा के 36 वर्षीय अमित कुमार, एक मेहनती किसान हैं। पड़ोस के गांव झाल में रहने वाला मनोहर रात्रे उनका परिचित था। मनोहर का उनके गांव में अक्सर आना-जाना था, जिससे दोनों में अच्छी जान-पहचान हो गई। 1 अप्रैल को मनोहर ने अमित के घर पहुंचकर लुभावना ऑफर दिया। उसने कहा कि प्रधानमंत्री ऋण योजना में सिर्फ आधार कार्ड, पैन कार्ड और राशन कार्ड की कॉपी देकर 6 लाख का लोन आसानी से मिल जाएगा। 

**लालच में आकर दिया ब्लैंक चेक**  
मनोहर की चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर अमित ने लोन के लिए हामी भर दी। उसने अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड की कॉपी तो दी ही, साथ ही गारंटी के लिए एक ब्लैंक चेक भी मनोहर के हवाले कर दिया। लेकिन मनोहर का इरादा लोन दिलाने का नहीं, बल्कि ठगी का था। 

**4.5 लाख का झटका, मोबाइल मैसेज ने खोला राज**  
4 अप्रैल को मनोहर ने चुपके से अमित के केनरा बैंक खाते से ब्लैंक चेक के जरिए 4.5 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। जब अमित के फोन पर पैसे निकलने का मैसेज आया, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत मनोहर को फोन लगाया, लेकिन उसका नंबर बंद था। तीन दिन तक कोशिश के बाद भी जब मनोहर का पता नहीं चला, तो अमित ने चकरभाठा थाने में शिकायत दर्ज कराई। 

**पुलिस ने शुरू की तलाश**  
अमित की शिकायत पर पुलिस ने मनोहर रात्रे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। ठग की तलाश में पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लुभावने ऑफर के पीछे ठगी का जाल हो सकता है। 

**सतर्क रहने की जरूरत**  
यह मामला आम लोगों के लिए सबक है कि लोन या सरकारी योजनाओं के नाम पर किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। कोई भी कागजात या चेक देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूरी है, वरना मेहनत की कमाई पल में लुट सकती है।

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