रायपुर, 3 मई 2025: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने गांजा तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। रेलवे स्टेशन के पास ऑटो में सवार होते ही ओडिशा के दो युवकों को पुलिस ने धरदबोचा। दोनों आरोपियों के पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया है। प्राथमिक पूछताछ के बाद उन्हें नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई
पुलिस को पहले से ही सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध युवक ओडिशा से रायपुर आकर गांजे की खेप लेकर आने वाले हैं और स्टेशन क्षेत्र में किसी से संपर्क कर तस्करी की अगली कड़ी को अंजाम देंगे। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन के आसपास सादी वर्दी में निगरानी शुरू कर दी थी।
शनिवार सुबह करीब 6:45 बजे, प्लेटफॉर्म नंबर 2 से बाहर निकलते हुए दो युवक संदिग्ध हालत में देखे गए। दोनों ने एक ऑटो को रोका और जैसे ही उसमें बैठने लगे, पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके बैग से गांजे के पैकेट बरामद हुए, जिनका वजन करीब 12 किलोग्राम बताया जा रहा है।
ओडिशा के मलकानगिरी जिले से लाए थे गांजा
पकड़े गए आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय संदीप नायक और 26 वर्षीय राजेश मंडल के रूप में हुई है, जो ओडिशा के मलकानगिरी जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा ओडिशा के अंदरूनी गांवों से लेकर आए थे और रायपुर में एक व्यक्ति को डिलीवरी देने वाले थे। पुलिस अब उस व्यक्ति की पहचान कर रही है जो गांजा मंगवा रहा था।
कई बार पहले भी आ चुके हैं रायपुर
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी इससे पहले भी कई बार रायपुर आ चुके हैं। हर बार वे अलग-अलग माध्यम से गांजा लाकर यहां बेचते थे। पुलिस को शक है कि इनके पीछे कोई संगठित तस्करी गिरोह काम कर रहा है, जो ओडिशा-छत्तीसगढ़ रूट को ड्रग्स सप्लाई के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज
थाना जीआरपी रायपुर ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है और जल्द ही गांजा खरीदने वाले अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी संभव है।
रेलवे स्टेशन बन रहा है तस्करी का सेंटर
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रेलवे स्टेशन जैसी सार्वजनिक जगहों का इस्तेमाल नशे के कारोबार के लिए क्यों और कैसे हो रहा है। पिछले एक साल में रायपुर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के इलाकों में गांजा, चरस, अफीम और नशीली गोलियों की कई खेप बरामद की जा चुकी हैं।
रेलवे पुलिस और जिला पुलिस अब संयुक्त रूप से ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखने की योजना बना रही है। स्टेशन परिसर में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
