रायपुर। शहर में अपराध पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे पुलिस गश्त अभियान के तहत टिकरापारा थाना क्षेत्र में एक कुख्यात बदमाश को धारदार हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी का आपराधिक इतिहास पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है। वह पूर्व में चोरी, मारपीट और जानलेवा हमलों जैसे मामलों में जेल की हवा खा चुका है। इस बार उसके पास से एक चाकू बरामद किया गया है, जिसे लेकर वह सार्वजनिक स्थान पर घूम रहा था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी का नाम नितिन उर्फ बिट्टू (बदला हुआ नाम) है, जिसकी उम्र लगभग 30 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस गश्त के दौरान वह संदिग्ध अवस्था में घूमता नजर आया, जिसके बाद उसे रोककर पूछताछ की गई। तलाशी लेने पर उसके पास से एक धारदार चाकू बरामद हुआ, जिसे लेकर वह बिना किसी वैध कारण के घूम रहा था। पुलिस ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ टिकरापारा और आसपास के थानों में कुल सात मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, घर में घुसकर चोरी और सार्वजनिक स्थान पर हिंसा फैलाने जैसे अपराध शामिल हैं। वह हाल ही में जमानत पर रिहा हुआ था और पुनः आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया गया।
इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस ने शहर के अन्य दो इलाकों में दो और बदमाशों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी अलग-अलग मामलों में वांछित थे और लंबे समय से पुलिस की निगरानी में थे। इनसे भी हथियार बरामद किए गए हैं, जिनमें एक चाकू और एक फोल्डिंग ब्लेड शामिल है। दोनों के खिलाफ भी आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।
रायपुर पुलिस ने हाल ही में शहर के संवेदनशील इलाकों में विशेष गश्त और निगरानी अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना और आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि पुलिस की टीम हर रात संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही है और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
पुलिस का कहना है कि शहर में बढ़ते अवैध हथियारों की तस्करी और अपराधियों की गतिविधियों को देखते हुए अब हर थाना स्तर पर हथियार रखने वालों की सूची बनाई जा रही है। साथ ही पुराने बदमाशों की निगरानी के लिए स्पेशल टीम तैनात की गई है। टिकरापारा समेत शहर के अन्य क्षेत्रों में पहले भी कई मामलों में ऐसे अपराधी पकड़े जा चुके हैं, जो जमानत पर छूटने के बाद फिर से अपराध की दुनिया में लौट आते हैं।
पुलिस प्रशासन की सख्ती के बावजूद अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन लगातार हो रही कार्रवाई से यह साफ है कि प्रशासन अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने को तैयार नहीं है।
शहरवासियों ने पुलिस की इस तत्परता की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि ऐसे सघन अभियान आगे भी चलते रहेंगे ताकि रायपुर को अपराध मुक्त और सुरक्षित शहर बनाया जा सके।
