राजधानी रायपुर के रामनगर इलाके में एक बार फिर अवैध रूप से धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है। दिशा कॉलेज रोड स्थित शनिदेव मंदिर के पास एक घर में बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र कर धर्म परिवर्तन की गतिविधि चल रही थी, जिसकी जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध करते हुए मतांतरण रुकवाया।
सूचना मिलते ही सरस्वती नगर थाना पुलिस भी भारी संख्या में मौके पर पहुंची और वहां मौजूद 150 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई। पुलिस ने धर्मांतरण कराने के आरोप में पास्टर अमित सिंह, केशव महानंद, दुर्गेश महानंद और महेंद्र महानंद को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से इस इलाके में धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही थीं, जिसमें गरीब परिवारों को बहला-फुसलाकर और प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। कार्यक्रम में कुछ विदेशी फंडिंग की आशंका भी जताई जा रही है, जिसे लेकर पुलिस जांच में जुटी है।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया, जिसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर नारेबाजी करते हुए धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून की मांग की।
बृजमोहन अग्रवाल का बयान
इस घटना पर रायपुर के सांसद और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ में लगातार बहला-फुसलाकर मतांतरण कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो हमारी संस्कृति और संविधान के खिलाफ है। प्रदेश सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। हम विधानसभा में मांग करेंगे कि धर्मांतरण के खिलाफ कठोर से कठोर कानून बनाया जाए, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो सकें।”
पुलिस का बयान
सरस्वती नगर थाना प्रभारी ने बताया कि, “मौके से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। कार्यक्रम में कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी। आगे की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस आयोजन में विदेश से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता मिली थी।”
राजनीतिक हलकों में हलचल
यह मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल मच गई है। विपक्ष इसे सरकार की विफलता बता रहा है, वहीं सत्ताधारी दल ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है।
स्थानीय लोगों की मांग
रामनगर इलाके के नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकार के अवैध धर्मांतरण गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए और ऐसे आयोजनों की नियमित निगरानी की जाए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
