रायपुर रेंज पुलिस ने 2100 पेंडिंग केस में 1850 का किया निराकरण, IG ने दिए साइबर अपराधों पर फोकस के निर्देश


 

रायपुर। रायपुर रेंज पुलिस ने वर्ष 2023 में लंबित चल रहे मामलों के निपटारे में बड़ी सफलता हासिल की है। कुल 2100 पेंडिंग मामलों में से अब तक 1850 मामलों का निराकरण कर लिया गया है। पुलिस की इस उपलब्धि पर रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अमरेश मिश्रा ने संतोष जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि बीते छह महीनों में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए थे, जिसका सकारात्मक असर दिखा है।

समीक्षा बैठक में दिए कई अहम निर्देश

26 जुलाई को IG अमरेश मिश्रा ने रायपुर रेंज के जिलों के SP के साथ क्राइम रिव्यू बैठक की। इस बैठक में रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार और धमतरी जिलों के पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में लंबित मामलों के साथ-साथ कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

साइबर अपराधों पर रहेगा विशेष फोकस

IG ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से कार्रवाई की जाए और इनकी जांच को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि नए बने कानूनों के तहत दर्ज मामलों का गहन पर्यवेक्षण किया जाए और चिकित्सा, न्यायालय व अन्य संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित किया जाए।

NDPS और संपत्ति जब्ती पर भी दिए निर्देश

बैठक में NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों में भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही भारतीय न्याय संहिता की धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत आरोपियों की संपत्ति जब्ती और कुर्की की कार्रवाई को प्रभावी ढंग से करने को कहा गया है।

अवैध शराब और चिटफंड पर भी शिकंजा

IG मिश्रा ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाए और चिटफंड मामलों में फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्याय के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस जनता का विश्वास तभी जीत सकती है, जब अपराधियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई हो।

जनता को मिलेगा फायदा

पुलिस द्वारा तेजी से मामलों के निपटारे और साइबर अपराधों पर फोकस से आम जनता को निश्चित ही राहत मिलेगी। इससे न्याय मिलने में देरी नहीं होगी और अपराधियों के मन में कानून का भय बना रहेगा।

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