रायपुर। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर देर रात अचानक हड़कंप मच गया जब सुरक्षाकर्मियों ने एक लावारिश बैग एयरपोर्ट परिसर में देखा। यह घटना रात 11 बजे की बताई जा रही है। बैग के असामान्य रूप से पड़े होने और बेल्ट्स से बंधे होने के कारण सुरक्षाकर्मी सतर्क हो गए और तत्काल पुलिस को सूचित किया।
माना पुलिस और एयरपोर्ट सुरक्षाकर्मियों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। बैग की संभावित जांच के लिए टीम ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से बैग के आसपास का क्षेत्र खाली कराया और पास-पड़ोस के स्टाफ और यात्रियों से पूछताछ की। किसी ने बैग के बारे में जानकारी नहीं दी।
सुरक्षा की दृष्टि से एयरपोर्ट अधिकारियों और पुलिस ने बैग की सावधानीपूर्वक जांच शुरू की। जांच के दौरान बैग में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद राहत की सांस ली गई। आधे घंटे की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि यह एक मॉकड्रिल था, जिसे एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा सुरक्षा प्रशिक्षण और तैयारी के तहत आयोजित किया गया था।
एयरपोर्ट स्टाफ ने जैसे ही मॉकड्रिल की जानकारी प्राप्त की, उन्हें इस बात का पता चला कि रात में अचानक हड़कंप का कारण केवल प्रशिक्षण अभ्यास था। मॉकड्रिल का उद्देश्य एयरपोर्ट पर किसी भी आपात स्थिति में कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की तत्परता और प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना था।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और किसी भी प्रकार की चूक यात्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इसी कारण राजधानी रायपुर एयरपोर्ट में नियमित अंतराल पर मॉकड्रिल का आयोजन किया जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी वास्तविक खतरे की स्थिति में तेजी से और सही तरीके से कार्य कर सकें।
माना पुलिस ने बताया कि मॉकड्रिल की तैयारी में एयरपोर्ट पर सुरक्षा प्रक्रिया का पालन पूरी तरह से किया गया। बैग की जांच के दौरान पूरे परिसर में अलर्ट जारी रहा और किसी प्रकार की अफरा-तफरी नहीं मची। कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए यह अभ्यास बेहद जरूरी माना जाता है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी के सूत्रों ने बताया कि मॉकड्रिल का उद्देश्य यह है कि कर्मचारी किसी भी संदिग्ध वस्तु या आपातकालीन स्थिति में सही निर्णय ले सकें और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। ऐसे अभ्यास देश के विभिन्न एयरपोर्ट पर नियमित रूप से होते हैं, खासकर उन जगहों पर जहां यात्रियों की संख्या अधिक होती है।
रायपुर एयरपोर्ट में रात के समय यह मॉकड्रिल इसलिए आयोजित की गई क्योंकि अधिकारियों ने सुरक्षा में कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहते थे। हाल ही में देश के कई हिस्सों में बम धमकियों और संदिग्ध वस्तुओं की घटनाएं सामने आई हैं, इसलिए सुरक्षा अभ्यास की महत्ता और बढ़ गई है।
एयरपोर्ट में कार्यरत कर्मचारियों ने भी इस अभ्यास में भाग लिया और अपने कौशल और सतर्कता को परखा। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के अभ्यास नियमित रूप से किए जाते हैं ताकि एयरपोर्ट पर किसी भी स्थिति में तत्परता और सुरक्षा का स्तर हमेशा उच्च बना रहे।
मॉकड्रिल के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई, और स्टाफ तथा सुरक्षाकर्मी पूरी सावधानी और अनुशासन के साथ कार्य करते रहे। आधिकारिक तौर पर मॉकड्रिल के संबंध में और अधिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि यात्री और स्टाफ की सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता में रहती है।
इस घटना से यह साफ होता है कि राजधानी रायपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त है और आपात परिस्थितियों में कर्मचारियों की प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने के लिए समय-समय पर इस तरह के अभ्यास किए जाते हैं।