रायपुर। राजधानी में ड्रग्स की तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने शनिवार को फाफाडीह इलाके में घेराबंदी कर हरियाणा के तस्कर के साथ तीन लोगों को पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 27.58 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ। जांच में पता चला कि यह ड्रग्स राजधानी में एक महिला फैशन डिजाइनर के नेटवर्क के माध्यम से पार्टीज और फार्महाउस में सप्लाई की जा रही थी।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए तस्कर मोनू विश्नोई (24), मूल रूप से हिसार हरियाणा निवासी हैं। वह ट्रेन से एमडीएमए लेकर रायपुर पहुंचे और महिला डिजाइनर तक ड्रग्स पहुँचाने के लिए गए थे। मोनू ने खुद ड्रग्स लेने की बजाय अपने दो साथियों हर्ष आहूजा (23) और दीप धानोरिया (41) को भेजा। दोनों 85 हजार रुपए लेकर ड्रग्स लेने गए थे। तभी पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि महिला फैशन डिजाइनर पुलिस को छकाकर भाग गई। आरोपी हर्ष और दीप से पूछताछ में फैशन डिजाइनर का नाम सामने आया। पुलिस ने उसकी पहचान और नेटवर्क का पता लगाने के लिए उसके घर पर भी छापा मारा, लेकिन महिला फरार हो गई। तीनों आरोपियों के मोबाइल जांच के लिए साइबर लैब भेजे गए हैं।
पुलिस के अनुसार मोनू कई बार एमडीएमए लेकर रायपुर आ चुका है। वह पार्सल के जरिए ड्रग्स पहुंचाता और तुरंत नागपुर की ट्रेन पकड़कर लौट जाता था। मोनू दिल्ली और पंजाब के बड़े ड्रग्स तस्करों से जुड़ा हुआ है। एमडीएमए के इस रैकेट का नेटवर्क हेरोइन तस्करी से अलग है और यह राज्यभर में तेजी से फैल रहा है।
महिला फैशन डिजाइनर की उम्र 30 साल बताई जा रही है। वह खुद भी ड्रग्स लेती है और नाइट पार्टीज का आयोजन करती है। इन पार्टियों में एमडीएमए की सप्लाई होती थी। उसके ग्राहक अधिकतर बड़े होटल कारोबारी, इवेंट कंपनी वाले और उच्च वर्ग के घरों की लड़कियां हैं। इस रैकेट के पकड़े जाने के बाद पुलिस का मानना है कि राजधानी का एमडीएमए नेटवर्क काफी हद तक टूट जाएगा।
पुलिस ने बताया कि हेरोइन की तस्करी के बाद अब एमडीएमए का रैकेट पकड़ा गया है। ज्यादातर एमडीएमए महाराष्ट्र और दिल्ली से रायपुर पहुंचता है। यह हेरोइन की तरह महंगा और नशे में तेज असर डालने वाला ड्रग्स है। राज्य में इसके उपभोक्ता तेजी से बढ़ रहे हैं।
कुछ दिनों पहले ही पुलिस ने हेरापुर इलाके में हेरोइन तस्करी का गिरोह पकड़ा था। इस मामले में हरप्रीत कौर उर्फ हैप्पी (23) को गिरफ्तार किया गया था। वह खुद नशा करती थी और पुड़िया वितरण के लिए सक्रिय थी। इसके अलावा पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में टिकरापारा, कोतवाली, कबीरनगर और गंज इलाकों में 35 से अधिक ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया और लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य के ड्रग्स जब्त किए।
पुलिस लगातार इस मामले में फैशन डिजाइनर और अन्य जुड़े आरोपियों की तलाश कर रही है। एसएसपी ने जनता से अपील की है कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
राजधानी रायपुर में ड्रग्स का कारोबार सिर्फ युवाओं की जिंदगी पर असर नहीं डाल रहा, बल्कि इससे जुड़े बड़े आर्थिक और सामाजिक अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि आगामी दिनों में इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए और भी बड़े अभियान चलाए जाएंगे।