छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के करेली बड़ी चौकी क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें 67 साल के प्रेमी ने 30 साल की महिला की पीठ और पेट में चाकू से कई वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना के समय महिला अपने छोटे बच्चे को गोद में लिए यात्री प्रतीक्षास्थल की ओर जा रही थी। आरोपी को शक था कि महिला का किसी और व्यक्ति के साथ संबंध है। आरोपी ने मौके का फायदा उठाकर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चा घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार, मृतका का नाम पुष्पा मारकंडे है और आरोपी का नाम जगन्नाथ मारकंडे है। आरोपी ग्राम हसदा का रहने वाला है और पेशे से किसान है। दोनों के बीच प्रेम संबंध था। घटना से पहले महिला का पति पिछले एक साल से रायपुर जेल में बंद है। इस दौरान जगन्नाथ महिला के घर आता-जाता था और उसकी मदद करता था। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गया। लेकिन बुजुर्ग प्रेमी को महिला पर किसी अन्य संबंध का शक था, जिसके कारण उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
घटना शनिवार शाम की है। पुष्पा अपने बच्चे को गोद में लेकर प्रतीक्षास्थल की ओर जा रही थी। तभी जगन्नाथ वहां पहले से ही चाकू लेकर खड़ा था। जैसे ही महिला पास आई, उसने चाकू से कई वार किए। महिला की पीठ और पेट पर गंभीर चोटें आईं। हमला इतना तेज था कि महिला तुरंत घायल हो गई। बच्चा भी अपनी मां को बचाने के प्रयास में चोटिल हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से महिला और बच्चे को मगरलोड अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। बच्चे का इलाज जारी है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
इस मामले में CSP रागिनी मिश्रा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धारा 103 और 115(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के पीछे कोई और कारण तो नहीं था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना पूरे इलाके के लिए एक सदमा है। महिला और बच्चा समाज में आम तौर पर शांतिपूर्ण जीवन जीते थे। हत्या की यह वारदात प्रेम संबंधों में असुरक्षा और शक की गंभीर परिणामस्वरूप सामने आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में मानसिक असंतुलन, अविवेकपूर्ण निर्णय और व्यक्तिगत विवाद अक्सर गंभीर परिणाम लाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास ऐसी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना समय रहते दें और आपसी विवादों को कानून के दायरे में ही सुलझाएं।
घटना ने स्थानीय प्रशासन को भी चौकस कर दिया है। ग्रामीण और आसपास के लोग इस घटना से गहरे दुखी हैं और बच्चा अब अकेला हो गया है। प्रशासन की ओर से बच्चे की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है।
यह घटना छत्तीसगढ़ में बढ़ते घरेलू और व्यक्तिगत विवादों में हिंसा की गंभीरता को दर्शाती है। ऐसे मामलों में समाज और परिवार को सजग रहने की जरूरत है। पुलिस इस हत्या की पूरी गहनता से जांच कर रही है ताकि आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।