खड़गांव: नेशनल मार्शल आर्ट खिलाड़ी से इंडिया टीम में चयन का झांसा देकर 6.97 लाख की ठगी, तीन गिरफ्तार


 

खड़गांव पुलिस ने एक मार्शल आर्ट की नेशनल खिलाड़ी से भारत की इंडिया टीम में चयन का झांसा देकर 6 लाख 97 हजार रुपए ठगने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी लोकेश सिन्हा ने अपने रिश्तेदारों टिकेंद्र कुमार सिन्हा और भोजकुमार साहू के साथ मिलकर पीड़िता को आर्थिक लाभ के बहाने ठगी का शिकार बनाया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रार्थी ने राजनांदगांव के एक कॉलेज में अपनी पढ़ाई के दौरान मार्शल आर्ट में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी। इसी दौरान उसके साथ पढ़ रहे आरोपी लोकेश सिन्हा ने उसे भारत की इंडिया टीम में शामिल होने का झांसा दिया। आरोपी ने बताया कि चयन के लिए कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी और इस दौरान उसे अलग-अलग नामों से भुगतान करना होगा।

पीड़िता ने आरोपियों की बातों पर विश्वास करते हुए अलग-अलग अवसरों पर कुल 6 लाख 97 हजार रुपए आरोपी लोकेश और उसके साथियों को भुगतान कर दिए। इसमें चयन प्रक्रिया, फॉर्म भरवाने, और प्रशिक्षण के नाम पर रकम ली गई। लेकिन पीड़िता को किसी भी प्रकार की टीम चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया।

जब पीड़िता को पता चला कि उसे किसी भी चयन ट्रायल में नहीं बुलाया गया, तो उसने अपने पिता के माध्यम से खड़गांव थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की।

पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि आरोपी लोकेश सिन्हा और उसके साथी पहले भी ऐसे कई मामलों में शामिल रह चुके थे। तीनों ने मिलकर शिकार को विश्वास में लेकर वित्तीय लाभ उठाने की योजना बनाई थी। आरोपियों की भूमिका और ठगी के तरीके की विस्तृत जानकारी पुलिस ने अपने प्रारंभिक बयान में साझा की।

खड़गांव पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में आरोपी लोकेश सिन्हा, टिकेंद्र कुमार सिन्हा और भोजकुमार साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पीड़िता की शिकायत और सबूतों के आधार पर कार्रवाई की गई है, और आगे की जांच जारी है।

इस घटना ने खेल क्षेत्र में युवा खिलाड़ियों की सुरक्षा और धोखाधड़ी के मामलों पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में खिलाड़ी और उनके परिवार सावधानी बरतें और किसी भी चयन प्रक्रिया में भुगतान करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से सत्यापन करें।

इस प्रकार की धोखाधड़ी में अक्सर पीड़ित की मासूमियत और खेल में सफलता की चाह का फायदा उठाया जाता है। पुलिस ने इस घटना को चेतावनी भी बताया कि खेल में झांसा देकर पैसे लेने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खड़गांव पुलिस की सक्रिय कार्रवाई से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेजा गया। पीड़िता के परिवार ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि ऐसे मामलों पर भविष्य में रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

पुलिस ने बताया कि ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम और जांच प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया जाएगा। पीड़ितों से अपील की गई है कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति से चयन प्रक्रिया या प्रशिक्षण के लिए धन न दें।

इस घटना ने खेल जगत में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर किया है। अधिकारियों का कहना है कि खेल के क्षेत्र में युवाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और धोखाधड़ी के खिलाफ समय पर कार्रवाई करना आवश्यक है।

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