इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी खामी से मचा हड़कंप: 40 मिनट तक बंद रहे यात्री, पूर्व CM समेत कई लोग थे सवार


 

रायपुर, 18 जून — दिल्ली से रायपुर आई इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट में मंगलवार को लैंडिंग के बाद बड़ा तकनीकी फॉल्ट सामने आया। विमान एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर तो गया, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के चलते फ्लाइट का दरवाजा नहीं खुल पाया। इस वजह से करीब 40 मिनट तक सभी यात्री फ्लाइट के अंदर ही बंद रहे।

इस फ्लाइट में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस विधायक चातुरी नंद और रायपुर की मेयर मीनल चौबे सहित कई अन्य यात्री मौजूद थे। गेट लॉक होने की सूचना मिलते ही फ्लाइट में सवार यात्रियों के बीच घबराहट फैल गई, हालांकि एयरलाइन स्टाफ और ग्राउंड टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

विधायक का बयान:
सरायपाली से विधायक चातुरी नंद ने बताया कि वह अपने पति के साथ दिल्ली से लौट रही थीं। फ्लाइट की लैंडिंग के बाद गेट न खुलने से स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण हो गई थी। उन्होंने कहा, "मेरे पति काफी घबरा गए थे। अहमदाबाद में हुई हालिया फ्लाइट दुर्घटना के बाद से ही यात्रियों के मन में डर बैठा हुआ है।"

बीते दिनों फ्लाइट से जुड़े हादसे और घटनाएं:
इंडिगो की फ्लाइट पहले भी ऐसी स्थितियों का सामना कर चुकी है। 1 जून को रायपुर से दिल्ली जा रही एक फ्लाइट में लैंडिंग से ठीक पहले टर्बुलेंस की स्थिति बनी थी। खराब मौसम के चलते पायलट को विमान दोबारा आसमान में उड़ाना पड़ा था और कई चक्कर लगाने के बाद ATC से अनुमति मिलने पर सुरक्षित लैंडिंग हुई थी।

वहीं 12 जून को अहमदाबाद में एक भीषण हादसा हुआ था, जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ देर बाद ही एक इमारत से टकरा गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 275 लोगों की जान चली गई थी, जिसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी सवार थे। वे इस हादसे में बाल-बाल बचे।

एविएशन सेफ्टी पर उठे सवाल:
लगातार सामने आ रही घटनाओं से विमान यात्रियों में डर का माहौल बनता जा रहा है। इंडिगो जैसी विश्वसनीय एयरलाइन में बार-बार हो रही तकनीकी दिक्कतों ने विमानन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अब फ्लाइट्स की नियमित तकनीकी जांच और इमरजेंसी रिस्पॉन्स को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है।

DGCA और एयरलाइन की प्रतिक्रिया:
इस घटना पर अब तक इंडिगो की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने घटना की जानकारी मिलने के बाद रिपोर्ट मांगी है और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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