रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की अहम बैठक में जनता से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को अब किसी भी विभाग और जिले में अनुकंपा नियुक्ति मिल सकेगी। इसके अलावा राज्य में शिक्षा, ऊर्जा, वन्यजीव संरक्षण और खनिज विकास से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
शहीदों के परिवारों को मिलेगा विभागीय विकल्प
अब तक नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिवारों को सिर्फ पुलिस विभाग में ही अनुकंपा नियुक्ति मिलती थी। अब नई व्यवस्था के तहत उन्हें किसी भी विभाग और किसी भी जिले में नौकरी पाने का विकल्प दिया गया है, जिससे उनकी सुविधा और अधिकार में विस्तार होगा।
पांच वंचित जातियों को मिलेगा एसटी-एससी समकक्ष लाभ
राज्य सरकार ने डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव, पबिया-पविया और डोमरा समाज के विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति/जाति की तरह छात्रवृत्ति, छात्रावास और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं देने का निर्णय लिया है। यह सुविधा राज्य मद से दी जाएगी, जिससे इन समुदायों के युवाओं को शिक्षा में समावेश का अवसर मिलेगा।
पीएम सूर्य घर योजना को राज्य से मिलेगा समर्थन
केंद्र सरकार की सौर ऊर्जा योजना "पीएम सूर्य घर" को छत्तीसगढ़ में सफल बनाने के लिए राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। एक किलोवाट के सोलर संयंत्र पर 15 हजार और तीन किलोवाट पर 30 हजार की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। वर्ष 2025-26 में 60 हजार और 2026-27 में 70 हजार संयंत्र लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।
टाइगर संरक्षण को समर्पित होगी नई संस्था
वन्यजीव विशेषकर बाघों के संरक्षण के लिए राज्य में "छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसाइटी" का गठन किया जाएगा। यह संस्था वन्यजीव अधिनियम 1972 के अंतर्गत कार्य करेगी और स्वयं वित्तपोषित होगी। इसका उद्देश्य ईको-पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय समुदाय को रोजगार उपलब्ध कराना है।
बेमेतरा में खुलेगा नया उद्यानिकी महाविद्यालय
बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव में 100 एकड़ भूमि उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना के लिए निशुल्क दी जाएगी। इससे क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक कृषि शिक्षा का लाभ मिलेगा।
‘JashPure’ ब्रांड को मिलेगा बड़ा प्लेटफॉर्म
महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा विकसित 'JashPure' ब्रांड के महुआ और हर्बल उत्पादों को राज्य सरकार या सीएसआईडीसी को हस्तांतरित किया जाएगा, जिससे उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा और महिलाओं की आय में वृद्धि होगी।
खनिज खोज के लिए SMET ट्रस्ट का गठन
राज्य में खनिज संपदा के खोज और प्रबंधन के लिए स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (SMET) की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसमें रॉयल्टी का 2% हिस्सा जमा किया जाएगा जिससे आधुनिक संसाधनों और तकनीकों की मदद से खनिज सर्वेक्षण को गति दी जा सकेगी।
इन सभी फैसलों से राज्य में सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
