समग्र शिक्षा भर्ती घोटाले पर NSUI का हल्ला बोल, दी ताला बंद आंदोलन की चेतावनी


 

रायपुर, 27 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत हुई व्यवसायिक शिक्षा भर्ती को लेकर छात्र संगठन NSUI ने बड़ा हमला बोला है। संगठन ने आरोप लगाया है कि यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से भरी हुई है। NSUI ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए इस मामले की तत्काल सीबीआई जांच की मांग की है।

NSUI का आरोप: बिना परीक्षा, बिना मेरिट, जबरन भर्ती

NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा ने मीडिया को बताया कि भर्ती प्रक्रिया एक सुनियोजित घोटाला है, जिसमें हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि—

  • युवाओं को अज्ञात कॉलेजों में एक ही दिन में परीक्षा दिलाई गई।

  • न तो कोई मेरिट सूची जारी की गई, न अंकों की जानकारी दी गई।

  • ₹10 के स्टाम्प पेपर पर जबरन एग्रीमेंट करवाया गया।

  • इंटरव्यू के नाम पर भर्ती करवाई गई और इसके एवज में 3 से 4 लाख रुपये की वसूली की गई।

भर्ती में निजी कंपनियों की भूमिका पर सवाल

ज्ञापन में दावा किया गया है कि भर्ती प्रक्रिया 7 निजी कंपनियों को ठेका देकर करवाई गई, जिनके जरिए बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई। यह भी आरोप लगाया गया कि विभागीय अधिकारियों के रिश्तेदारों को सीधे नियुक्ति दे दी गई और कोरोना काल में सेवा देने वाले प्रशिक्षित युवाओं की उपेक्षा की गई।

कोरोना योद्धाओं के साथ भेदभाव

NSUI नेताओं का कहना है कि कोरोना काल में हेल्थ, आईटी और कंप्यूटर ट्रेड में सेवाएं देने वाले युवाओं से सरकार ने 10% आरक्षण और प्राथमिकता का वादा किया था, लेकिन उस पर अमल नहीं किया गया। मेल और ज्ञापन के बावजूद सरकार और प्रशासन चुप रहे।

NSUI की मांगें

NSUI ने सरकार से स्पष्ट शब्दों में निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द की जाए।

  2. कोरोना योद्धाओं को 10% प्राथमिकता दी जाए।

  3. 40,000 परीक्षार्थियों की मेरिट सूची सार्वजनिक की जाए।

  4. फर्जी दस्तावेजों की जांच कर दोषियों पर FIR दर्ज हो।

  5. CBI और EOW से आर्थिक भ्रष्टाचार की जांच करवाई जाए।

28 जुलाई से ताला बंद आंदोलन का ऐलान

NSUI ने सरकार को 28 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगे नहीं मानी गईं तो समग्र शिक्षा कार्यालय में ताला बंद आंदोलन शुरू किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रमुख छात्र नेता

इस दौरान NSUI के प्रमुख नेता प्रशांत गोस्वामी (जिलाध्यक्ष), निखिल वंजारी (प्रदेश महासचिव), अजय त्रिपाठी, योगराज देवांगन, नजीब असरफी, वैभव मुजेवार समेत बड़ी संख्या में छात्र कार्यकर्ता मौजूद थे।


यह मामला प्रदेश में शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और युवाओं के रोजगार भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।

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